सेना प्रमुख का राष्ट्र के नाम संदेश, सुरक्षा और विकसित भारत के संकल्प को दोहराया

  • Post By Admin on Jan 01 2026
सेना प्रमुख का राष्ट्र के नाम संदेश, सुरक्षा और विकसित भारत के संकल्प को दोहराया

नई दिल्ली : नए साल के अवसर पर भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने राष्ट्र के नाम संदेश जारी कर देशवासियों को नववर्ष की शुभकामनाएं दीं और देश की सुरक्षा, आत्मनिर्भरता तथा ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य के प्रति सेना की प्रतिबद्धता को दोहराया।

भारतीय सेना के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा किए गए संदेश में सेना प्रमुख ने कहा कि भारतीय सेना पूरी सतर्कता और अटूट संकल्प के साथ राष्ट्र की सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है। उन्होंने कामना की कि वर्ष 2026 देशवासियों के जीवन में सुख, उत्तम स्वास्थ्य और समृद्धि लेकर आए।

जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने बीते वर्ष की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि शत्रु के नापाक इरादों को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत दृढ़ और निर्णायक कार्रवाई के माध्यम से प्रभावी जवाब दिया गया। उन्होंने बताया कि यह अभियान निरंतर जारी है और सीमाओं पर सतर्कता बनाए रखने के साथ-साथ सेना ने आपदाओं के समय त्वरित सहायता तथा राष्ट्र-निर्माण के प्रयासों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

सेना के आधुनिकीकरण पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय सेना इस समय परिवर्तन के दशक से गुजर रही है, जहां संयुक्तता, आत्मनिर्भरता और नवाचार सामरिक शक्ति के प्रमुख आधार हैं। स्वदेशी तकनीकों के प्रभावी उपयोग, नए विचारों और सतत सुधारों के माध्यम से सेना को भविष्य की चुनौतियों के लिए अधिक सक्षम बनाया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि नेटवर्किंग और डेटा-केंद्रित प्रणाली इस परिवर्तन को नई गति दे रही हैं।

अपने संदेश के अंत में सेना प्रमुख ने नागरिकों के विश्वास और सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए भारतीय सेना सुरक्षा और राष्ट्र-निर्माण में अपना योगदान निरंतर देती रहेगी।

इसी क्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी नववर्ष पर ‘एक्स’ के माध्यम से देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 भारत के सामूहिक संकल्प को और सशक्त बनाए तथा राष्ट्र निर्माण के प्रति प्रतिबद्धता को नई ऊर्जा दे। रक्षा मंत्री ने नागरिकों से आह्वान किया कि वे भारत की सुरक्षा, समृद्धि और वैश्विक प्रतिष्ठा को मजबूत करने के लिए एकता, आत्मनिर्भरता और नवाचार के साथ मिलकर कार्य करें।