एससीओ शिखर सम्मेलन : मालदीव, मिस्र, नेपाल समेत कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों से मिले पीएम मोदी

  • Post By Admin on Aug 31 2025
एससीओ शिखर सम्मेलन : मालदीव, मिस्र, नेपाल समेत कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों से मिले पीएम मोदी

तियानजिन : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को चीन के तियानजिन में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन के अवसर पर मालदीव, मिस्र, बेलारूस, ताजिकिस्तान, नेपाल और कजाकिस्तान सहित कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों और प्रधानमंत्रियों से अलग-अलग मुलाकात कर द्विपक्षीय संबंधों को और सुदृढ़ बनाने पर चर्चा की। इन बैठकों के दौरान विकास सहयोग, व्यापार, सांस्कृतिक जुड़ाव और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे अहम मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श हुआ।

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू से हुई वार्ता बेहद उपयोगी रही। उन्होंने लिखा कि भारत और मालदीव के बीच विकास सहयोग दोनों देशों की जनता के लिए लाभकारी है। हाल के वर्षों में मालदीव में बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्रों में भारत की भूमिका महत्वपूर्ण रही है, जिसे आगे और मजबूत करने पर सहमति बनी।

इसी क्रम में पीएम मोदी ने मिस्र के प्रधानमंत्री मुस्तफा मदबौली से भी मुलाकात की। बातचीत के दौरान उन्होंने अपनी पिछली मिस्र यात्रा का उल्लेख करते हुए दोनों देशों की गहरी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक साझेदारी पर बल दिया। मोदी ने कहा कि भारत और मिस्र की मित्रता नई ऊँचाइयों की ओर बढ़ रही है, विशेषकर रक्षा, व्यापार और ऊर्जा क्षेत्रों में सहयोग को और आगे बढ़ाने की आवश्यकता है।

प्रधानमंत्री मोदी ने बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको से मुलाकात को भी सकारात्मक करार दिया। दोनों नेताओं ने भविष्य के अवसरों को लेकर गहरी आशा व्यक्त की और तकनीकी सहयोग, फार्मा उद्योग तथा शिक्षा क्षेत्र में साझेदारी को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई।

ताजिकिस्तान के राष्ट्रपति इमोमाली रहमोन के साथ मुलाकात में भारत-ताजिकिस्तान के बढ़ते व्यापार और सांस्कृतिक संबंधों पर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ताजिकिस्तान के साथ भारत का जुड़ाव ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। सुरक्षा और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में साझेदारी को और विस्तार देने पर भी दोनों नेताओं में सहमति बनी।

नेपाल के प्रधानमंत्री केपी ओली के साथ बैठक को प्रधानमंत्री मोदी ने विशेष बताया। उन्होंने कहा कि नेपाल के साथ भारत के संबंध "गहरे और विशेष" हैं। सीमा पार व्यापार, कनेक्टिविटी परियोजनाओं और लोगों के बीच सांस्कृतिक रिश्तों को और सुदृढ़ बनाने की दिशा में कदम उठाने पर चर्चा हुई।

कजाकिस्तान के राष्ट्रपति कासिम-जोमार्ट टोकायव के साथ वार्ता में ऊर्जा, सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवा और फार्मा क्षेत्र में सहयोग पर जोर दिया गया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और कजाकिस्तान के बीच रणनीतिक साझेदारी एशिया की स्थिरता और विकास में अहम भूमिका निभा सकती है।

गौरतलब है कि इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच करीब 50 मिनट तक गहन बातचीत हुई थी। दोनों नेताओं ने कैलाश मानसरोवर यात्रा को फिर से शुरू करने, सीमा समझौते और आपसी विश्वास बहाल करने पर सहमति जताई। साथ ही द्विपक्षीय व्यापारिक संबंधों को और सुदृढ़ बनाने पर भी बल दिया।

इस तरह प्रधानमंत्री मोदी की तियानजिन में हुई मुलाकातें न केवल भारत-चीन संबंधों के नए अध्याय की ओर इशारा करती हैं बल्कि यह भी दर्शाती हैं कि भारत अपने पड़ोसी और साझेदार देशों के साथ व्यापक सहयोग और स्थायी शांति के लिए गंभीरता से प्रयासरत है।