रूस ने Telegram संस्थापक पावेल ड्यूरोव पर कसा शिकंजा, आतंकवाद से जुड़े सहयोग का आरोप
- Post By Admin on Jul 30 2026
मॉस्को : रूस ने लोकप्रिय मैसेजिंग ऐप Telegram के संस्थापक पावेल ड्यूरोव के खिलाफ गंभीर कार्रवाई करते हुए उन पर आतंकवादी गतिविधियों में मदद करने का आरोप लगाया है। रूस की फेडरल सिक्योरिटी सर्विस (FSB) ने दावा किया है कि ड्यूरोव को इंटरनेशनल वॉन्टेड लिस्ट में शामिल किया गया है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब रूस इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपना नियंत्रण लगातार मजबूत कर रहा है।
FSB का आरोप है कि Telegram ने कई ऐसे चैनल, चैट और बॉट हटाने में विफलता दिखाई, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर यूक्रेनी खुफिया एजेंसियां तथा आतंकवादी और चरमपंथी संगठन रूस के खिलाफ गतिविधियों के लिए कर रहे थे। FSB के मुताबिक, Telegram पर मौजूद कुछ चैनलों और बॉट का उपयोग रूस में तोड़फोड़ और आतंकवादी हमलों की योजना बनाने, बड़े पैमाने पर हिंसा और साइबर फ्रॉड को बढ़ावा देने तथा यूक्रेनी खुफिया गतिविधियों के समन्वय के लिए किया गया। एजेंसी का दावा है कि इन गतिविधियों के कारण कई लोगों की जान भी गई। रूसी कानून के तहत दोष सिद्ध होने पर ड्यूरोव को उम्रकैद तक की सजा हो सकती है।
रूसी एजेंसी ने Telegram पर मौजूद एक लोकप्रिय डेटिंग चैटबॉट को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। FSB का कहना है कि इस चैटबॉट का इस्तेमाल यूक्रेनी सुरक्षा एजेंसियों द्वारा रूस के नागरिकों को कथित तौर पर तोड़फोड़ और आतंकवादी गतिविधियों के लिए फंसाने और भर्ती करने में किया गया। एजेंसी के अनुसार जुलाई 2025 से अब तक इस चैटबॉट से जुड़े 12 से 22 वर्ष आयु वर्ग के 46 लोगों को रूस के विभिन्न हिस्सों से हिरासत में लिया गया है।
यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से रूस ने इंटरनेट और सोशल मीडिया पर सरकारी नियंत्रण को काफी कड़ा कर दिया है। सरकार पहले ही Facebook, Instagram और X जैसे बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर रोक या सख्त पाबंदियां लगा चुकी है। YouTube की स्पीड सीमित की गई है, जबकि Signal और Viber जैसे मैसेजिंग ऐप ब्लॉक किए जा चुके हैं। Telegram और WhatsApp की पहुंच पर भी लगातार सख्ती बढ़ने की खबरें सामने आती रही हैं। रूस VPN सेवाओं पर भी कार्रवाई कर रहा है ताकि लोग इन प्रतिबंधों को आसानी से पार न कर सकें।
ज्ञात हो कि पावेल ड्यूरोव ने 2013 में Telegram की शुरुआत की थी। कंपनी के अनुसार इस प्लेटफॉर्म के दुनिया भर में 1 अरब से अधिक उपयोगकर्ता हैं। इससे पहले उन्होंने रूस के लोकप्रिय सोशल नेटवर्क VKontakte (VK) की स्थापना भी की थी, लेकिन 2014 में रूसी अधिकारियों के बढ़ते दबाव के बीच उन्होंने अपनी हिस्सेदारी बेच दी थी। वर्तमान में ड्यूरोव के पास फ्रांस और संयुक्त अरब अमीरात की नागरिकता है और वे लंबे समय से रूस से बाहर रह रहे हैं।
यह पहली बार नहीं है जब Telegram और उसके संस्थापक कानूनी जांच के घेरे में आए हों। 2024 में फ्रांस की राजधानी पेरिस में ड्यूरोव को उन आरोपों के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था जिनमें Telegram के जरिए कथित आपराधिक गतिविधियों, जैसे ड्रग तस्करी और बच्चों से जुड़े यौन शोषण सामग्री के प्रसार को रोकने में नाकामी तथा कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ पर्याप्त सहयोग न करने की जांच शामिल थी। रूस की इस ताजा कार्रवाई ने डिजिटल प्लेटफॉर्म की जवाबदेही, एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग सेवाओं की भूमिका और राष्ट्रीय सुरक्षा के बीच संतुलन को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई बहस छेड़ दी है। फिलहाल Telegram या पावेल ड्यूरोव की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।