पश्चिम एशिया तनाव से बढ़ा तेल संकट, फिलीपींस ने लगाया राष्ट्रीय आपातकाल

  • Post By Admin on Mar 26 2026
पश्चिम एशिया तनाव से बढ़ा तेल संकट, फिलीपींस ने लगाया राष्ट्रीय आपातकाल

मनीला : पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का असर अब दुनिया के अन्य देशों पर भी दिखाई देने लगा है। ऊर्जा आपूर्ति पर मंडरा रहे खतरे को देखते हुए फिलीपींस सरकार ने देश में राष्ट्रीय आपातकाल घोषित कर दिया है। राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर ने आदेश जारी कर कहा कि मौजूदा हालात में ईंधन की उपलब्धता बनाए रखना और अर्थव्यवस्था को बड़े झटके से बचाना बेहद जरूरी हो गया है।

होर्मुज जलडमरूमध्य पर असर से बढ़ी चिंता

ईरान और उसके विरोधियों के बीच जारी तनाव के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है। यह समुद्री मार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति की प्रमुख धुरी माना जाता है। मार्ग में व्यवधान के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है, जिससे ऊर्जा आपूर्ति को लेकर कई देशों की चिंता बढ़ गई है।

आयात पर निर्भरता से बढ़ी परेशानी

फिलीपींस अपनी लगभग 98 प्रतिशत तेल जरूरतों के लिए खाड़ी देशों पर निर्भर है। ऐसे में वैश्विक संकट का सीधा असर देश के ऊर्जा बाजार पर पड़ा है। हाल के दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारी वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे महंगाई बढ़ने के साथ आम लोगों की लागत भी तेजी से बढ़ी है।

सरकार ने उठाए आपात कदम

स्थिति से निपटने के लिए सरकार ने एक विशेष निगरानी समिति गठित करने का निर्णय लिया है, जो ईंधन के साथ-साथ खाद्य पदार्थों और दवाइयों की आपूर्ति पर नजर रखेगी। इसके अलावा सरकार को सीधे तेल खरीदने के विशेष अधिकार भी दिए गए हैं, ताकि आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित न हो। यह आपातकाल फिलहाल एक वर्ष के लिए लागू किया गया है, जिसे जरूरत पड़ने पर बढ़ाया या समाप्त किया जा सकता है।

फैसले पर मिली-जुली प्रतिक्रिया

सरकार के इस कदम पर देश में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। जहां कुछ लोग इसे मौजूदा हालात में आवश्यक कदम बता रहे हैं, वहीं मजदूर संगठनों ने इसकी आलोचना की है। उनका कहना है कि पहले सरकार ने हालात सामान्य बताए थे और अब अचानक आपातकाल लागू कर दिया गया।

हड़ताल की तैयारी, राहत उपाय भी शुरू

बढ़ती ईंधन कीमतों से नाराज परिवहन क्षेत्र से जुड़े लोग हड़ताल की तैयारी कर रहे हैं। उनका कहना है कि महंगे ईंधन के कारण उनकी आय पर सीधा असर पड़ रहा है। सरकार ने राहत के तौर पर कुछ कदम उठाए हैं, जिनमें चालकों को सब्सिडी देना और ईंधन की खपत कम करने के लिए कार्यदिवसों में कटौती जैसे उपाय शामिल हैं।

फिलहाल फिलीपींस के पास सीमित अवधि का ही ईंधन भंडार बचा है। ऐसे में यह संकट केवल फिलीपींस ही नहीं, बल्कि दुनिया के अन्य तेल आयातक देशों के लिए भी बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।