चीन के नेशनल सुपरकंप्यूटिंग सेंटर में सेंध, गोपनीय रक्षा डाटा चोरी का आरोप

  • Post By Admin on Apr 09 2026
चीन के नेशनल सुपरकंप्यूटिंग सेंटर में सेंध, गोपनीय रक्षा डाटा चोरी का आरोप

बीजिंग : चीन में एक बड़े साइबर हमले की खबर सामने आई है, जिसमें कथित तौर पर एक हैकर ने सरकारी सुपरकंप्यूटर में सेंध लगाकर भारी मात्रा में गोपनीय डाटा चुरा लिया है। रिपोर्ट के अनुसार यह डाटा तियानजिन स्थित नेशनल सुपरकंप्यूटिंग सेंटर से लिया गया है। दावा किया जा रहा है कि इसमें रक्षा से जुड़े संवेदनशील दस्तावेज, मिसाइल डिजाइन और महत्वपूर्ण वैज्ञानिक जानकारियां शामिल हैं। हालांकि इस घटना की अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक चोरी किया गया डाटा 10 पेटाबाइट से भी अधिक बताया जा रहा है, जो साइबर सुरक्षा के लिहाज से बेहद बड़ी मात्रा मानी जाती है। हैकर ने कथित तौर पर डाटा का एक छोटा हिस्सा ऑनलाइन साझा किया है और दावा किया है कि बाकी डाटा बिक्री के लिए उपलब्ध है। शुरुआती पहुंच के लिए हजारों डॉलर और पूरे डाटा के लिए लाखों डॉलर की मांग की जा रही है। भुगतान क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से मांगा गया है, जिससे लेनदेन का पता लगाना कठिन हो जाता है।

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार हमलावर ने कमजोर नेटवर्क के जरिए सिस्टम में प्रवेश किया। इसके बाद उसने बॉटनेट नामक प्रोग्राम का उपयोग करते हुए अलग-अलग सर्वरों से धीरे-धीरे डाटा निकालना शुरू किया। यह प्रक्रिया लगभग छह महीने तक चलती रही और सिस्टम को इसकी भनक तक नहीं लगी। छोटे-छोटे हिस्सों में डाटा निकालने की इस रणनीति से सुरक्षा तंत्र को अलर्ट होने से बचाया गया।

इस घटना के सामने आने के बाद चीन की साइबर सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इतनी बड़ी मात्रा में डाटा लीक होने से देश की तकनीकी और रक्षा संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां खतरे में पड़ सकती हैं। इससे पहले भी चीन में बड़े डाटा लीक के मामले सामने आ चुके हैं, जिससे सुरक्षा प्रणाली की कमजोरियों को लेकर चिंता बढ़ी है।

फिलहाल चीन सरकार साइबर सुरक्षा को मजबूत करने के उपायों पर जोर दे रही है, लेकिन इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी डिजिटल सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं।