मोदी-शीजिनपिंग के बीच द्विपक्षीय वार्ता, सीमा शांति, व्यापार और आपसी सहयोग पर बनी सहमति
- Post By Admin on Aug 31 2025

तियानजिन : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच तियानजिन में एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान हुई द्विपक्षीय बैठक में रिश्तों में स्थिरता और सहयोग को लेकर सकारात्मक संकेत सामने आए। दोनों नेताओं ने कजान (2024) में हुई पिछली मुलाकात के बाद से संबंधों में आई प्रगति की समीक्षा की और सीमा पर शांति, व्यापारिक सहयोग और लोगों से लोगों के संपर्क बढ़ाने पर जोर दिया।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, पीएम मोदी और राष्ट्रपति शी ने इस बात पर सहमति जताई कि भारत और चीन प्रतिस्पर्धी नहीं बल्कि विकास साझेदार हैं। मतभेदों को विवाद का रूप नहीं देना चाहिए और स्थिर संबंध दोनों देशों के 2.8 अरब नागरिकों के साथ-साथ बहुध्रुवीय विश्व और एशिया के लिए जरूरी हैं।
बैठक के दौरान सीमा पर सैनिकों की वापसी और शांति बनाए रखने के प्रयासों की सराहना की गई। कैलाश मानसरोवर यात्रा और पर्यटक वीज़ा बहाली के साथ-साथ सीधी उड़ानों की शुरुआत से लोगों के बीच संपर्क को बढ़ावा देने पर भी सहमति बनी।
व्यापार के मोर्चे पर दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय निवेश बढ़ाने और व्यापार घाटा कम करने के लिए राजनीतिक और रणनीतिक स्तर पर सहयोग को मजबूत करने की आवश्यकता जताई। उन्होंने यह भी माना कि भारत-चीन आर्थिक साझेदारी वैश्विक अर्थव्यवस्था की स्थिरता में अहम भूमिका निभा सकती है।
प्रधानमंत्री मोदी ने जोर देकर कहा कि दोनों देश रणनीतिक स्वायत्तता का पालन करते हैं और उनके रिश्तों को किसी तीसरे देश के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। साथ ही, आतंकवाद से निपटने और वैश्विक व्यापार व्यवस्था को निष्पक्ष बनाने में मिलकर काम करने की बात पर सहमति बनी।
इस मुलाकात के दौरान पीएम मोदी ने राष्ट्रपति शी को 2026 में भारत में आयोजित होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में आमंत्रित किया, जिस पर शी ने आभार व्यक्त करते हुए भारत की अध्यक्षता को समर्थन का आश्वासन दिया।