भारत-चीन सीमा पर स्थिरता, वैश्विक चुनौतियों पर सहयोग बढ़ाने पर सहमति : विक्रम मिस्री

  • Post By Admin on Aug 31 2025
भारत-चीन सीमा पर स्थिरता, वैश्विक चुनौतियों पर सहयोग बढ़ाने पर सहमति : विक्रम मिस्री

तियानजिन : भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने रविवार को चीन के तियानजिन में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हुई द्विपक्षीय बैठक की विस्तृत जानकारी साझा की।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में भाग लेने शनिवार की शाम तियानजिन पहुंचे, जहां चीनी सरकार ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इसके बाद भारतीय समुदाय ने एक रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम के जरिए उनका अभिनंदन किया। रविवार सुबह प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच महत्वपूर्ण वार्ता हुई।

मिस्री ने कहा कि बैठक में राष्ट्रपति शी ने द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देने के लिए चार बिंदुओं पर जोर दिया—रणनीतिक संचार और आपसी विश्वास को मजबूत करना, सहयोग और आदान-प्रदान का विस्तार, साझा हितों की रक्षा के लिए बहुपक्षीय सहयोग बढ़ाना और एक-दूसरे की संवेदनशीलताओं का सम्मान करना। प्रधानमंत्री मोदी ने इन सुझावों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी।

विदेश सचिव ने यह भी बताया कि बैठक में हाल ही में नई दिल्ली में आयोजित भारत-चीन सीमा वार्ता के 24वें दौर के परिणामों पर भी चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने इस वार्ता को रचनात्मक बताते हुए सीमा पर स्थिरता और शांति बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति शी ने क्षेत्रीय एवं वैश्विक चुनौतियों पर भी विचार-विमर्श किया। मोदी ने चीन की एससीओ अध्यक्षता का समर्थन किया और 2026 में भारत में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में राष्ट्रपति शी को आमंत्रित किया।

विदेश सचिव ने आगे जानकारी दी कि प्रधानमंत्री मोदी ने म्यांमार के सीनियर जनरल मिन आंग ह्लाइंग से भी द्विपक्षीय वार्ता की। मोदी ने कहा कि भारत अपनी 'पड़ोसी प्रथम' और 'एक्ट ईस्ट' नीतियों के तहत म्यांमार के साथ संबंधों को अत्यधिक महत्व देता है।

शाम को प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति शी जिनपिंग द्वारा अतिथि नेताओं के सम्मान में आयोजित 25वें एससीओ शिखर सम्मेलन के स्वागत समारोह में हिस्सा लिया। सोमवार को वे शिखर सम्मेलन के पूर्ण सत्र को संबोधित करेंगे, जहां वे भारत के दृष्टिकोण से क्षेत्रीय सहयोग को आगे बढ़ाने का रोडमैप प्रस्तुत करेंगे।