मुजफ्फरपुर को-ऑपरेटिव बैंक की अनूठी पहल, नुक्कड़ नाटक से ग्रामीणों को समझाई सुरक्षित बैंकिंग
- Post By Admin on Oct 22 2026
मुजफ्फरपुर : ग्रामीणों को बैंकिंग सेवाओं, सरकारी बीमा योजनाओं और डिजिटल लेन-देन में सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से दि मुजफ्फरपुर सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड की ओर से साहेबगंज प्रखंड के छह गांवों में वित्तीय साक्षरता जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। गुरुवार को विशुनपुरपट्टी, जगदीशपुर, नीरपुर, गौड़ा, रुपछपड़ा और दुर्गा चौक में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से ग्रामीणों को सुरक्षित बैंकिंग और वित्तीय धोखाधड़ी से बचाव के उपाय बताए गए।
कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को बताया गया कि पैक्स कार्यालयों के माध्यम से माइक्रो एटीएम जैसी सुविधाएं उपलब्ध होने से गांव के नजदीक ही बैंकिंग सेवाओं का लाभ मिल सकेगा। इसके जरिए नकद निकासी, खाते में उपलब्ध राशि की जानकारी और मिनी स्टेटमेंट जैसी सुविधाएं प्राप्त की जा सकेंगी। इससे ग्रामीणों को छोटी-छोटी बैंकिंग जरूरतों के लिए दूर स्थित बैंक शाखाओं तक जाने की परेशानी कम करने में मदद मिलेगी। जागरूकता कार्यक्रम में पटना के फुलवारीशरीफ स्थित श्री राजश्री इंटरप्राइजेज के कलाकारों ने नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। संजय कुमार यादव, सुनील कुमार, महावीर साह, कृष्णा भगत और कुमकुम भारती ने गीत और अभिनय के माध्यम से लोगों को वित्तीय धोखाधड़ी के तरीकों तथा उनसे बचने के उपायों की जानकारी दी। प्रस्तुति के जरिए ग्रामीणों को सतर्क रहने, बैंकिंग नियमों का पालन करने और अपनी वित्तीय जानकारी सुरक्षित रखने का संदेश दिया गया।
जिला प्रबंध निदेशक संतोष कुमार ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि सुरक्षित भविष्य के लिए बचत की आदत विकसित करना जरूरी है। छोटी-छोटी बचत भविष्य में आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में सहायक बन सकती है। उन्होंने लोगों को परिवार की आर्थिक सुरक्षा के लिए बीमा योजनाओं से जुड़ने और अपनी जरूरतों के अनुसार उपलब्ध वित्तीय सुविधाओं की जानकारी लेने की सलाह दी। कार्यक्रम में अटल पेंशन योजना के बारे में भी जानकारी दी गई। ग्रामीणों को बताया गया कि इस योजना के तहत पात्र व्यक्ति निर्धारित शर्तों के अनुसार 60 वर्ष की आयु के बाद नियमित पेंशन प्राप्त कर सकते हैं। योजना में शामिल होने के लिए सामान्य आयु सीमा 18 से 40 वर्ष है। लोगों को समय रहते पेंशन योजना से जुड़ने और नियमित अंशदान के महत्व के बारे में समझाया गया।
प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना की जानकारी देते हुए बताया गया कि इस दुर्घटना बीमा योजना में पात्र व्यक्तियों को निर्धारित वार्षिक प्रीमियम पर दुर्घटना में मृत्यु या पूर्ण स्थायी विकलांगता की स्थिति में दो लाख रुपए तक का बीमा कवर मिलता है। इसी तरह प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के तहत पात्र बीमित व्यक्ति की किसी भी कारण से मृत्यु होने पर दो लाख रुपए का जीवन बीमा कवर उपलब्ध होता है। दोनों योजनाओं में शामिल होने के लिए निर्धारित आयु सीमा, प्रीमियम और अन्य शर्तों का पालन करना जरूरी है। कार्यक्रम में सुरक्षित डिजिटल बैंकिंग पर विशेष जोर दिया गया। ग्रामीणों को सलाह दी गई कि वे अपना ओटीपी, एटीएम या यूपीआई पिन, पासवर्ड और बैंक खाते से जुड़ी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। अनजान व्यक्ति के कहने पर बैंकिंग विवरण न दें और संदिग्ध संदेशों या व्हाट्सऐप पर भेजे गए लिंक पर क्लिक करने से बचें। किसी भी व्यक्ति के बैंक अधिकारी होने का दावा करने मात्र से उस पर भरोसा न करने की भी सलाह दी गई।
ग्रामीणों को बताया गया कि साइबर ठगी की आशंका होने पर तुरंत अपने बैंक को सूचित करना चाहिए। यदि किसी के खाते से धोखाधड़ी के जरिए धनराशि निकल जाती है, तो तत्काल राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए। वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों को बचत, बीमा, पेंशन और सुरक्षित डिजिटल बैंकिंग के महत्व से अवगत कराया गया। आयोजकों का उद्देश्य लोगों को जागरूक ग्राहक बनाना और उन्हें बैंकिंग सेवाओं का सुरक्षित तरीके से उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करना रहा।