एलएस कॉलेज में शिक्षा और नैतिकता पर मंथन, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश हुए शामिल

  • Post By Admin on Oct 24 2026
एलएस कॉलेज में शिक्षा और नैतिकता पर मंथन, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश हुए शामिल

मुजफ्फरपुर : लंगट सिंह महाविद्यालय के जेबी कृपलानी सभागार में शनिवार को ‘आधुनिक शिक्षा में नैतिक सशक्तीकरण की आवश्यकता’ विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। संगोष्ठी में शिक्षा के उद्देश्य, विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण और आधुनिक शिक्षा व्यवस्था में नैतिक मूल्यों की भूमिका पर विचार-विमर्श किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत में महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. कनुप्रिया ने मुख्य अतिथि हरिवंश सहित उपस्थित अतिथियों का स्वागत किया। इसके बाद हरिवंश ने प्राचार्या के साथ महाविद्यालय परिसर में स्थापित महापुरुषों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया।

अपने संबोधन में हरिवंश ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करना, डिग्री हासिल करना या नौकरी पाना नहीं होना चाहिए। शिक्षा के माध्यम से ज्ञान और प्रतिभा का विकास करने के साथ विद्यार्थियों में चरित्र, ईमानदारी और नैतिकता जैसे गुणों को विकसित करना भी जरूरी है। उन्होंने शिक्षा में बौद्धिक क्षमता और तकनीकी दक्षता के साथ नैतिक मूल्यों को समान महत्व देने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने शिक्षा और समाज से जुड़े विभिन्न प्रासंगिक मुद्दों पर भी अपने विचार रखे। संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य आधुनिक शिक्षा में नैतिक सशक्तीकरण की जरूरत को रेखांकित करना और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में नैतिक मूल्यों की भूमिका पर ध्यान आकर्षित करना रहा। कार्यक्रम के बाद हरिवंश ने महाविद्यालय की संस्मरण पुस्तिका में संस्थान के ऐतिहासिक अतीत और वर्तमान परिदृश्य का उल्लेख किया। उन्होंने प्राचार्या प्रो. कनुप्रिया के कार्यकाल में विद्यार्थियों के शैक्षणिक उन्नयन और सर्वांगीण विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।

इस अवसर पर विधायक बेबी कुमारी, जैविक खेती अभियान के संस्थापक क्रांति प्रकाश, बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के केंद्रीय पुस्तकालय के निदेशक डॉ. कौशल किशोर चौधरी, स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अर्चना कुमारी, डॉ. सत्य प्रकाश, डॉ. राजीव कुमार, डॉ. शशिकांत पांडेय और डॉ. आनंद कुमार सिंह सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। संगोष्ठी में शिक्षा के साथ नैतिक मूल्यों के समावेश और विद्यार्थियों के समग्र व्यक्तित्व निर्माण की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया गया।