प्रेमचंद रंगशाला में ‘समर्पण’ का आयोजन, भावुक प्रस्तुतियों ने नम कीं दर्शकों की आंखें

  • Post By Admin on Oct 24 2026
प्रेमचंद रंगशाला में ‘समर्पण’ का आयोजन, भावुक प्रस्तुतियों ने नम कीं दर्शकों की आंखें

पटना: प्रेमचंद रंगशाला में शनिवार, 24 अक्टूबर 2026 को ‘समर्पण’ सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। रॉक एन रोल आर्ट, कलाकृति, क्राफ्ट स्कूल एवं ज्योति सांस्कृतिक मंच के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में कला, संगीत, नृत्य और लोक संस्कृति की विविध प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। कार्यक्रम में पारिवारिक रिश्तों की संवेदनशीलता और दिवंगत अमित कुमार राय की स्मृति को समर्पित विशेष प्रस्तुति आकर्षण का केंद्र रही। कार्यक्रम का उद्घाटन मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार चंद्रवंशी, अशोक चौधरी, वरुण कुमार सिंह, ऋतु गुप्ता रॉय, आलोक रॉय, सपना हुसैन तथा संस्था के निदेशक ऋषि कुमार सहित अन्य अतिथियों ने सामूहिक वंदे मातरम् गायन और दीप प्रज्वलन के साथ किया। इस अवसर पर अतिथियों को अंगवस्त्र एवं प्रतीक चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।

दिवंगत अमित कुमार राय की स्मृति में भावुक प्रस्तुति

कार्यक्रम का सबसे भावुक क्षण दिवंगत अमित कुमार राय की स्मृति को समर्पित प्रस्तुति के दौरान देखने को मिला। उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद छोटी बच्ची ऋषा कश्यप ने अमित कुमार राय के साथ अपने बड़े पापा और बेटी के रिश्ते को मंच पर जीवंत किया। इस भावनात्मक प्रस्तुति ने सभागार में मौजूद लोगों को भावुक कर दिया और पारिवारिक रिश्तों की गहराई का एहसास कराया।

गणेश वंदना से हुई शुरुआत, शास्त्रीय संगीत ने बांधा समां

कार्यक्रम की शुरुआत ‘समवेतनाद’ की गणेश वंदना एवं स्वस्तिवाचन से हुई। इसके बाद बच्चों ने कथक नृत्य की प्रस्तुति देकर भारतीय शास्त्रीय नृत्य की सुंदरता प्रदर्शित की। लोक गायक सत्येंद्र कुमार ने लोक संगीत के माध्यम से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। विश्वप्रसिद्ध बांसुरी वादक उस्ताद डॉ. मुजतबा हुसैन की प्रस्तुति कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षणों में शामिल रही। उन्होंने राग दुर्गा में विलंबित झपताल और मध्य-द्रुत तीनताल के माध्यम से अपने साले साहब दिवंगत अमित कुमार राय को सांगीतिक श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद ‘वैष्णव जन तो’, बॉलीवुड गीत ‘तू ही रे’ और ‘रोजा जानेमन’ की फ्यूजन प्रस्तुति तथा गजल ‘चिट्ठी न कोई संदेश’ की धुनों ने माहौल को भावपूर्ण बना दिया। तबले पर डॉ. श्याम मोहन ने संगति कर प्रस्तुति को प्रभावशाली बनाया। बताया गया कि उस्ताद मुजतबा हुसैन लगभग 300 फिल्मों में बांसुरी वादन कर चुके हैं। आभाष मिश्रा ने भी अपनी संगीतमय प्रस्तुति से दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया।

बच्चों की नृत्य प्रस्तुतियों में दिखी बिहार की सांस्कृतिक विरासत

रॉक एन रोल आर्ट एंड क्राफ्ट स्कूल के बच्चों ने विभिन्न नृत्य प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। ‘छावा’ पर आधारित प्रस्तुति ने दर्शकों को आकर्षित किया, वहीं बच्चों और अभिभावकों ने मिथिला एवं बिहार की लोक परंपरा पर आधारित ‘सामा-चकेवा’ की मनमोहक प्रस्तुति दी। चांदनी के प्रशिक्षण में बच्चों ने मन्ना डे, मोहम्मद रफी और लता मंगेशकर के सदाबहार गीतों पर नृत्य प्रस्तुत कर पुरानी यादों को ताजा कर दिया।

कलाकारों और सहयोगियों का हुआ सम्मान

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न गतिविधियों के प्रशिक्षकों तथा आयोजन में सहयोग देने वाले संस्थानों एवं व्यक्तियों को सम्मानित किया गया। ‘समर्पण’ ने संगीत, नृत्य और लोक परंपराओं के माध्यम से मानवीय संवेदनाओं, पारिवारिक मूल्यों तथा सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का संदेश दिया। अंत में संस्था के निदेशक ऋषि कुमार ने सभी अतिथियों, कलाकारों, प्रशिक्षकों, अभिभावकों, सहयोगियों और दर्शकों के प्रति आभार व्यक्त किया। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।