आज है दुर्लभ सोमवती अमावस्या, पितरों की कृपा पाने के लिए करें ये उपाय
- Post By Admin on Jun 15 2026
न्यूज डेस्क : ज्येष्ठ मास की सोमवती अमावस्या आज श्रद्धा और आस्था के साथ मनाई जा रही है। सनातन धर्म में जब अमावस्या तिथि सोमवार के दिन पड़ती है, तो उसे सोमवती अमावस्या कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह अत्यंत दुर्लभ और पुण्यदायी संयोग माना जाता है। इस अवसर पर पवित्र नदियों में स्नान, पितरों के लिए तर्पण, मंत्र-जाप, दान-पुण्य और धार्मिक अनुष्ठानों का विशेष महत्व बताया गया है।
धार्मिक परंपराओं के अनुसार अमावस्या का दिन आत्मचिंतन, साधना और सात्विक जीवन के लिए समर्पित होता है। यही कारण है कि इस दिन कुछ विशेष वस्तुओं की खरीदारी से बचने की सलाह दी जाती है। मान्यता है कि ऐसा करने से नकारात्मक प्रभावों से बचा जा सकता है और आध्यात्मिक लाभ प्राप्त होता है।
इन वस्तुओं की खरीदारी से करें परहेज
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सोमवती अमावस्या के दिन नया अनाज, गेहूं, चावल या आटा खरीदने से बचना चाहिए। लोक-विश्वास है कि ऐसा करने से घर में अन्न और धन की कमी आ सकती है। इसी प्रकार सरसों के तेल समेत अन्य खाद्य तेलों की खरीदारी भी शुभ नहीं मानी जाती। ज्योतिष शास्त्र में तेल का संबंध शनि ग्रह से माना गया है। इस दिन तेल खरीदने की बजाय उसका दान करना अधिक पुण्यदायी बताया गया है।
नए कपड़े, जूते-चप्पल और चमड़े से बनी वस्तुओं की खरीदारी से भी परहेज करने की सलाह दी जाती है। मान्यता है कि अमावस्या के दिन खरीदी गई इन वस्तुओं पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। सोना, चांदी और अन्य कीमती आभूषणों की खरीदारी को लेकर भी कई परंपराओं में सावधानी बरतने की बात कही गई है। हालांकि शास्त्रों में इसका स्पष्ट निषेध नहीं है, लेकिन इस दिन बड़े निवेश की बजाय दान और सेवा कार्यों को अधिक महत्व दिया जाता है।
सात्विक जीवनशैली अपनाने की सलाह
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सोमवती अमावस्या पर मांस, मछली, मदिरा और लहसुन-प्याज जैसे तामसिक खाद्य पदार्थों के सेवन से बचना चाहिए। कहा जाता है कि सात्विक भोजन और संयमित जीवनशैली अपनाने से पितरों की कृपा प्राप्त होती है तथा घर में सुख-शांति बनी रहती है।
दान-पुण्य का विशेष महत्व
धर्माचार्यों के अनुसार आज के दिन जरूरतमंदों को अन्न, काले तिल, वस्त्र, जूते-चप्पल और मौसमी फल दान करना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है और जीवन में सुख, शांति एवं समृद्धि का वास होता है।