अमेरिका-ईरान सीजफायर का भारत ने किया स्वागत, क्षेत्र में स्थिरता की उम्मीद
- Post By Admin on Apr 08 2026
नई दिल्ली : अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष विराम की घोषणा के बाद भारत सरकार की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर इस कदम का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि इससे पश्चिम एशिया क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित होने का मार्ग प्रशस्त होगा।
विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि भारत इस संघर्ष विराम का स्वागत करता है और आशा करता है कि इससे क्षेत्र में स्थिरता और शांति को बढ़ावा मिलेगा। मंत्रालय ने दोहराया कि जारी संघर्ष को समाप्त करने के लिए तनाव कम करना, संवाद और कूटनीतिक प्रयास अत्यंत आवश्यक हैं।
बयान में यह भी कहा गया कि इस संघर्ष के कारण लोगों को पहले ही भारी कष्ट झेलना पड़ा है और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय व्यापार व्यवस्था भी प्रभावित हुई है। भारत ने उम्मीद जताई कि होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते समुद्री आवागमन की स्वतंत्रता और वैश्विक वाणिज्य का प्रवाह अब सामान्य रूप से जारी रहेगा।
संघर्ष विराम की घोषणा के बाद होर्मुज मार्ग के फिर से खुलने की संभावना जताई जा रही है। भारत सरकार के अनुसार इस समय फारस की खाड़ी में भारत के 16 जहाज लंगर डाले खड़े हैं, जिन पर 433 नाविक मौजूद हैं। संघर्ष विराम के बाद इन जहाजों के जल्द ही आगे बढ़ने की उम्मीद है और इनके भारत पहुंचने में तीन दिन से लेकर एक सप्ताह तक का समय लग सकता है।
उधर, निर्धारित समय सीमा से करीब डेढ़ घंटे पहले ही अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संघर्ष विराम की घोषणा की। उन्होंने सामाजिक माध्यम पर जारी संदेश में कहा कि ईरान के साथ विवादित मुद्दों पर सहमति बन गई है और दो सप्ताह के भीतर समझौते के प्रस्ताव को अंतिम रूप दिया जाएगा। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने के लिए सहमत हो गया है।
उन्होंने कहा कि अमेरिका अपने सैन्य उद्देश्यों को पहले ही प्राप्त कर चुका है। साथ ही यह भी बताया कि ईरान की ओर से 10 सूत्रीय प्रस्ताव प्राप्त हुआ है, जो आगे की बातचीत के लिए एक व्यावहारिक आधार प्रदान करता है।