बिहार विधान परिषद चुनाव से पहले मतदाता सूची पर उठे सवाल, कई कॉलेजों ने जताई आपत्ति

  • Post By Admin on Oct 20 2026
बिहार विधान परिषद चुनाव से पहले मतदाता सूची पर उठे सवाल, कई कॉलेजों ने जताई आपत्ति

पटना : बिहार में विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक निर्वाचन सीटों पर होने वाले चुनाव से पहले पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची को लेकर विवाद सामने आया है। कई शिक्षण संस्थानों ने आरोप लगाया है कि सूची में ऐसे लोगों के नाम शामिल हैं, जिनका संबंधित कॉलेजों से कोई संबंध नहीं है। वहीं, कुछ वास्तविक शिक्षकों के नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं किए जाने की शिकायत भी की गई है।

पटना साइंस कॉलेज ने निर्वाचन कार्यालय को दी गई शिकायत में कहा कि उसके संस्थान के नाम पर पांच ऐसे लोगों को मतदाता सूची में दर्ज किया गया है, जो वहां शिक्षक नहीं हैं। कॉलेज ने अपने तीन वास्तविक शिक्षकों के नाम शामिल करने का अनुरोध भी किया था, लेकिन अंतिम सूची में उनके नाम दर्ज नहीं हो सके। संस्थान की ओर से इस संबंध में अधिकारियों को पहले ही जानकारी देने की बात कही गई है।

रिपोर्ट के अनुसार, पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में पटना, नवादा और नालंदा जिलों के कुल 11,719 मतदाता दर्ज हैं। इस निर्वाचन क्षेत्र की सूची को लेकर पिछले कई महीनों से अलग-अलग कॉलेजों की ओर से आपत्तियां उठाई जा रही थीं। कुछ संस्थानों ने यह भी दावा किया कि उनके यहां कार्यरत नहीं रहने वाले लोगों के नाम शिक्षक मतदाता के रूप में दर्ज हैं। फतुहा, नौबतपुर और मसौढ़ी के कुछ शिक्षण संस्थानों ने भी मतदाता सूची में दर्ज नामों को लेकर शिकायतें की हैं। एक संस्थान ने दावा किया कि उसके नाम पर दर्ज मतदाताओं में ऐसे लोग शामिल हैं, जो वहां कभी कार्यरत नहीं रहे। कुछ अन्य संस्थानों ने भी अपने वास्तविक शिक्षकों के नाम सूची में शामिल नहीं होने की बात कही है।

हालांकि, निर्वाचन अधिकारियों का कहना है कि मतदाता सूची से संबंधित दावों और आपत्तियों का नियमों के अनुसार निपटारा किया गया था। पटना के निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी ने बताया कि अंतिम शिक्षक मतदाता सूची 30 दिसंबर 2025 को प्रकाशित की गई थी। उनके अनुसार, प्राप्त शिकायतों को संबंधित जिला अधिकारियों के पास जांच और कार्रवाई के लिए भेजा गया था। अधिकारियों ने यह भी कहा कि कई शिकायतें सूची अंतिम रूप से तैयार होने के बाद सामने आईं।

बिहार विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की आठ सीटों के लिए 23 अक्टूबर 2026 को मतदान निर्धारित है। इनमें चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र और चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। ऐसे में चुनाव से ठीक पहले मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा महत्वपूर्ण हो गया है। फिलहाल, इस मामले में कॉलेजों की शिकायतों और निर्वाचन अधिकारियों के जवाब के बीच मतदाता सूची की शुद्धता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। आरोपों की वास्तविक स्थिति संबंधित दस्तावेजों और सक्षम अधिकारियों की जांच के आधार पर ही स्पष्ट होगी।