बिहार में दो बड़े फोरलेन प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी, 6900 करोड़ से सुधरेगी कनेक्टिविटी

  • Post By Admin on Oct 24 2026
बिहार में दो बड़े फोरलेन प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी, 6900 करोड़ से सुधरेगी कनेक्टिविटी

पटना : बिहार में सड़क संपर्क को आधुनिक और निर्बाध बनाने की दिशा में शनिवार को एक बड़ी प्रशासनिक कामयाबी मिली है। राज्य में लगभग ₹6,900 करोड़ की लागत से बनने वाले पटना-आरा-सासाराम फोरलेन कॉरिडोर तथा मुजफ्फरपुर-बरौनी राष्ट्रीय राजमार्ग-122 के चौड़ीकरण में आ रही तकनीकी अड़चनों को दूर करते हुए जल संसाधन विभाग ने औपचारिक तौर पर अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) निर्गत कर दिया है।

राजधानी पटना और संबंधित प्रमंडलों में हुई उच्चस्तरीय तकनीकी समीक्षा के बाद यह निर्णय लिया गया। इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया में जल संसाधन विभाग (मोतिहारी व पटना प्रमंडल) के मुख्य अभियंताओं के साथ-साथ भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के क्षेत्रीय अधिकारी, परियोजना निदेशक और मुजफ्फरपुर, रोहतास व भोजपुर के जिला भू-अर्जन पदाधिकारियों (DLAO) की मौजूदगी में सहमति पत्र को अंतिम रूप दिया गया।

इस एनओसी के तहत मुजफ्फरपुर-बरौनी एनएच-122 के 100 किलोमीटर से अधिक लंबे खंड पर तिरहुत मुख्य नहर के दोनों तटबंधों (किलोमीटर 222.72 से 227.08) पर एलिवेटेड मार्ग और पुल निर्माण की अनुमति दी गई है। साथ ही मुजफ्फरपुर के मोतीपुर स्थित महना-जगन्नाथपुर मार्ग पर तिरहुत नहर के ऊपर आरसीसी हाई लेवल पुल के द्वितीय चरण को मंजूरी मिली है। उधर, सासाराम के सुवारा से गरहनी (74.43 किमी) तक ₹3,712 करोड़ की लागत वाले पहले पैकेज में पूर्वी लिंक नहर पर अस्थायी स्टील पुल बनाकर आवागमन सुचारू रखने पर भी सहमति बनी है।

मुजफ्फरपुर-सोनबरसा फोरलेन (NH-22) से जुड़े धार्मिक स्थलों के पुनर्वास और जमीन मूल्यांकन को लेकर भी एनएचएआई परियोजना निदेशक व जिला प्रशासन की संयुक्त टीम तेजी से कार्य कर रही है। अधिकारियों की इस संयुक्त पहल से अब टेंडर और निर्माण कार्य तेज होगा, जिससे पटना से रोहतास और उत्तर बिहार से दक्षिण बिहार का सफर सुगम और तेज हो जाएगा