बिहार में बड़ा साइबर सिंडिकेट बेनकाब, करोड़ों की ठगी करने वाले 6 शातिर गिरफ्तार

  • Post By Admin on Oct 24 2026
बिहार में बड़ा साइबर सिंडिकेट बेनकाब, करोड़ों की ठगी करने वाले 6 शातिर गिरफ्तार

पटना : बिहार में लगातार बढ़ते हाई-टेक अपराधों पर शिकंजा कसते हुए पुलिस मुख्यालय की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने एक संयुक्त अभियान चलाकर एक बड़े अंतरराज्यीय साइबर सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह देश भर के विभिन्न राज्यों के नागरिकों को स्टॉक मार्केट में ऊंचे मुनाफे का झांसा देकर, फर्जी ट्रेडिंग ऐप्स और 'डिजिटल अरेस्ट' का डर दिखाकर करोड़ों रुपये की वित्तीय चपत लगा रहा था। पटना मुख्यालय से संचालित इस गुप्त अभियान के तहत नवादा और नालंदा के संदिग्ध ठिकानों पर एक साथ दबिश देकर सिंडिकेट के सरगना समेत छह शातिर साइबर ठगों को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस महानिदेशक कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्रालय के 'भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र' (I4C) से प्राप्त इनपुट और नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर दर्ज 120 से अधिक शिकायतों के आधार पर यह पूरी कार्रवाई की गई। जांच में पाया गया कि यह गिरोह फर्जी फर्मों के नाम पर 50 से अधिक चालू खाते (करंट बैंक अकाउंट्स) संचालित कर रहा था, जिनमें पिछले छह महीनों में 18 करोड़ रुपये से अधिक का संदिग्ध वित्तीय लेन-देन हुआ है। इन पैसों को क्रिप्टोकरेंसी और विदेशी डिजिटल वॉलेट्स के जरिए ठिकाने लगाया जा रहा था।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों के पास से 24 आधुनिक स्मार्टफोन, 38 चालू सिम कार्ड, 14 लैपटॉप, विभिन्न राष्ट्रीयकृत एवं निजी बैंकों की 52 चेकबुक्स, दर्जनों एटीएम कार्ड तथा ₹4.80 लाख नकद बरामद किए गए हैं। ईओयू के तकनीकी विशेषज्ञों ने जब आरोपियों के लैपटॉप और डेटाबेस को खंगाला, तो उसमें हजारों आम नागरिकों के निजी डेटा, फोन नंबर और आधार विवरण पाए गए, जिन्हें डार्क वेब के जरिए खरीदा गया था।

अपर पुलिस महानिदेशक ने बताया कि गिरोह के तार पश्चिम बंगाल, दिल्ली-एनसीआर और राजस्थान तक जुड़े हुए हैं। गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है ताकि उन बैंक कर्मियों और एजेंटों की पहचान की जा सके, जिन्होंने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर इन म्यूल खातों को सक्रिय किया था। इसके साथ ही बैंक खातों में जमा करीब ₹1.25 करोड़ की राशि को तत्काल प्रभाव से फ्रीज करा दिया गया है। पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक, अनधिकृत ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म या खुद को सरकारी एजेंसी बताकर डिजिटल अरेस्ट की धमकी देने वाले कॉल पर भरोसा न करें और तत्काल राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।