मौसम फिर लेगा करवट : फरवरी से पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश का अलर्ट
- Post By Admin on Jan 29 2026
नई दिल्ली : उत्तर भारत में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदलने वाला है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा समेत कई राज्यों में घना कोहरा और कड़ाके की ठंड से जनजीवन पहले से ही प्रभावित है, वहीं अब भारतीय मौसम विभाग ने 1 फरवरी से नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की चेतावनी जारी की है। इसके असर से पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और मैदानी क्षेत्रों में बारिश का नया दौर शुरू हो सकता है।
दिल्ली और एनसीआर में सुबह के समय घना कोहरा छाया हुआ है, जिससे दृश्यता काफी कम हो रही है और सड़क, रेल व हवाई यातायात प्रभावित हो रहा है। मौसम विभाग के अनुसार राजधानी में न्यूनतम तापमान 8 से 10 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है, जबकि अधिकतम तापमान 17 से 20 डिग्री तक रहने का अनुमान है। शीतलहर को लेकर भी अलर्ट जारी किया गया है।
उत्तर प्रदेश के लखनऊ, नोएडा, सहारनपुर और पश्चिमी यूपी के कई जिलों में भी सुबह और शाम के समय घना कोहरा छाया हुआ है। तेज ठंडी हवाओं के कारण लोगों को ज्यादा सर्दी महसूस हो रही है। पूर्वी यूपी में कई जगह 30 से 95 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चली हैं।
हिमाचल प्रदेश में हालात ज्यादा गंभीर बने हुए हैं। चंबा जिले के भरमौर और पांगी क्षेत्रों में हिमस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं, जहां दुकानों और वाहनों के दबने की खबर है। हालांकि, राहत की बात यह रही कि हादसे के वक्त वहां कोई मौजूद नहीं था। सिरमौर जिले के हरिपुरधार में बर्फ पर फिसलने से एक पर्यटक की कार खेत में गिर गई, जिसमें हरियाणा के पंचकूला निवासी एक व्यक्ति की मौत हो गई। वहीं चंबा-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग पर भूस्खलन से एक कार क्षतिग्रस्त हो गई।
उत्तराखंड में भी बर्फबारी ने हालात मुश्किल कर दिए हैं। केदारनाथ धाम में करीब तीन से चार फीट तक बर्फ जम गई है। धाम में तैनात आईटीबीपी और पुलिस के जवान लगातार छतों से बर्फ हटाने में जुटे हैं। औली, धनोल्टी, बुरांशखंडा, काणाताल और टिहरी जैसे पर्यटन स्थलों पर भारी संख्या में सैलानी पहुंचे हैं, लेकिन बर्फबारी के कारण दो दर्जन से अधिक सड़कें बाधित हो गई हैं। कई इलाकों में बिजली और पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हुई है।
जम्मू-कश्मीर में भारी बर्फबारी के बाद दो दिनों से बंद जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग को आंशिक रूप से खोल दिया गया है। श्रीनगर हवाई अड्डे से उड़ान सेवाएं भी मौसम साफ होते ही फिर से शुरू कर दी गई हैं। सोनमर्ग और गांदरबल में हिमस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं, जहां कई गाड़ियों और होटलों को नुकसान पहुंचा है, हालांकि किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
मौसम विभाग के मुताबिक, 31 जनवरी से 2 फरवरी के बीच पश्चिमी विक्षोभ का असर और तेज हो सकता है। इस दौरान उत्तराखंड, हिमाचल, जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी इलाकों में फिर से बर्फबारी की संभावना है, जबकि दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और हरियाणा समेत मैदानी क्षेत्रों में बारिश हो सकती है। साथ ही कई राज्यों में ओलावृष्टि और तेज हवाओं की भी आशंका जताई गई है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि भले ही फिलहाल कुछ इलाकों में धूप निकलने से राहत मिली हो, लेकिन 1 फरवरी से एक बार फिर ठंड, बारिश और बर्फबारी का दौर शुरू हो सकता है, जिससे आम लोगों के साथ-साथ यात्रियों और किसानों को भी सतर्क रहने की जरूरत है।