राजस्थान पंचायत चुनाव: पहले चरण में 16 जिलों में मतदान, 85 लाख से अधिक मतदाता करेंगे वोट
- Post By Admin on Oct 22 2026
जयपुर : राजस्थान में ग्रामीण सरकार के गठन की दिशा में गुरुवार को पंचायतीराज चुनाव के पहले चरण के तहत मतदान कराया जा रहा है। राज्य की 16 जिला परिषदों और 104 पंचायत समितियों के लिए सुबह 7 बजे से मतदान शुरू हुआ। इस चरण में 85,07,306 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर रहे हैं। चुनाव में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य पदों के लिए कुल 6,926 उम्मीदवार मैदान में हैं। मतदान शाम 6 बजे तक निर्धारित है।
सुबह के शुरुआती घंटों में कई मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की कतारें देखी गईं। शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, जयपुर जिले में सुबह 10 बजे तक 14.70 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। जिले की मौजमाबाद पंचायत समिति में 16.79 प्रतिशत मतदान के साथ सबसे अधिक भागीदारी दर्ज हुई, जबकि गोविंदगढ़ में यह आंकड़ा 12.91 प्रतिशत रहा। ये आंकड़े केवल सुबह 10 बजे तक की स्थिति दर्शाते हैं; अंतिम मतदान प्रतिशत इससे अलग हो सकता है।
16 जिलों में चुनावी प्रक्रिया
पहले चरण में अजमेर, अलवर, बाड़मेर, भीलवाड़ा, बीकानेर, डूंगरपुर, जयपुर, झालावाड़, जोधपुर, कोटा, नागौर, पाली, फलोदी, राजसमंद, सिरोही और उदयपुर में मतदान हो रहा है। इन क्षेत्रों में जिला परिषद के 293 वार्डों और पंचायत समितियों के 1,788 वार्डों के लिए प्रतिनिधि चुने जा रहे हैं। निर्वाचन संबंधी रिपोर्टों के अनुसार, जिला परिषद की सीटों के लिए 1,693 उम्मीदवार और पंचायत समिति की सीटों के लिए 5,233 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। मतदान को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए राज्यभर में 9,886 मतदान केंद्र बनाए गए हैं।
पुरुष और महिला मतदाताओं की भागीदारी
इस चरण में कुल 85 लाख से अधिक मतदाताओं को मतदान का अवसर मिला है। इनमें लगभग 43.86 लाख पुरुष और 41.20 लाख महिला मतदाता शामिल हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, पेयजल, बिजली, स्थानीय विकास और अन्य बुनियादी सुविधाएं चुनाव के प्रमुख मुद्दों में शामिल हैं। मतदाता अपने क्षेत्र के प्रतिनिधियों को चुनने के लिए मतदान कर रहे हैं।
दो पदों के लिए अलग-अलग ईवीएम
जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य पदों के चुनाव एक साथ कराए जा रहे हैं। इसी कारण मतदान केंद्रों पर दो अलग-अलग इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों की व्यवस्था की गई है। एक मशीन से जिला परिषद सदस्य और दूसरी मशीन से पंचायत समिति सदस्य के लिए वोट डाला जा रहा है।मतदान के लिए मतदाता सूची में नाम होना जरूरी है। पहचान के लिए मतदाता पहचान पत्र के अलावा निर्वाचन विभाग की ओर से मान्य अन्य फोटोयुक्त पहचान दस्तावेजों का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। मतदाताओं को मतदान केंद्र पर जाने से पहले अपना नाम मतदाता सूची में जांच लेने की सलाह दी गई है।
कुछ स्थानों पर तकनीकी बाधाओं की सूचना
मतदान के शुरुआती दौर में कुछ स्थानों पर ईवीएम से जुड़ी तकनीकी समस्याओं की खबरें भी सामने आईं। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, अजमेर जिले की एक पंचायत समिति के मतदान केंद्र पर मशीन में खराबी के कारण लगभग 10 मिनट तक मतदान बाधित रहा। मशीन की समस्या दूर किए जाने के बाद मतदान फिर शुरू हुआ। ऐसी घटनाओं के दौरान निर्वाचन अधिकारियों की जिम्मेदारी मतदान प्रक्रिया को जल्द बहाल करना और मतदाताओं को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराना है। अलग-अलग केंद्रों की स्थिति के बारे में अंतिम जानकारी संबंधित निर्वाचन प्रशासन की ओर से जारी की जाती है।
आगे के चरणों में ग्राम पंचायतों के चुनाव
जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य पदों के मतदान के बाद चुनावी प्रक्रिया ग्राम पंचायत स्तर पर आगे बढ़ेगी। उपलब्ध कार्यक्रम के अनुसार, 23 अक्टूबर को सरपंच और वार्ड पंच पदों के लिए नामांकन की प्रक्रिया निर्धारित है। इन पदों के लिए 24 अक्टूबर को मतदान कराया जाना है। इसके बाद 25 अक्टूबर को उपसरपंच के चुनाव की प्रक्रिया होगी।
जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य पदों के चुनाव के सभी चरणों की मतगणना 20 नवंबर को निर्धारित की गई है। मतगणना के बाद ग्रामीण निकायों में चुने गए प्रतिनिधियों की तस्वीर स्पष्ट होगी। राजस्थान के पहले चरण का मतदान राज्य की ग्रामीण राजनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण है। अब दिनभर की मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद अंतिम मतदान प्रतिशत और निर्वाचन विभाग की ओर से जारी आधिकारिक आंकड़ों पर नजर रहेगी।