भीषण गर्मी की वजह से लाल हुई धरती, नासा ने जारी की तस्वीर

  • Post By Admin on Jul 19 2022
भीषण गर्मी की वजह से लाल हुई धरती, नासा ने जारी की तस्वीर

वॉशिंगटन : अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने एशिया, यूरोप, उत्‍तरी अफ्रीका और पश्चिमी एशिया में पड़ रही भीषण गर्मी को लेकर दुनिया को आगाह किया है। इन सभी जगहों पर तापमान 40 डिग्री के पार जा चुका है और कई जगहों पर गर्मी का रिकॉर्ड टूट गया है। कुछ दिनों पहले नासा ने एक तस्‍वीर दुनिया को दिखाया है कि किस तरह से पूर्वी गोलार्द्ध में सतह का तापमान है। इस तस्‍वीर में यह नीली धरती भीषण गर्मी की वजह से लाल नजर आ रही है। इस तस्‍वीर में नजर आ रहा है कि उत्‍तरी भारत भी प्रचंड गर्मी का सामना कर रहा है। नासा के नक्‍शे में उत्‍तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्‍थान और मध्‍य प्रदेश के कुछ हिस्‍से तो बहुत ही ज्‍यादा गर्मी की चपेट में हैं।

नासा के गोड्डार्ड स्‍पेस फ्लाइट सेंटर के स्‍टीवन पावसोन ने कहा कि विभिन्‍न जगहों पर स्‍पष्‍ट रूप से दिखाई दे रहा है कि वहां ठंडे होने पर नजर आने वाला नीला रंग अब लाल में बदल गया है जो भीषण गर्मी का संकेत है। धरती का यह विशाल इलाका भीषण गर्मी की चपेट में है जो इस बात का संकेतक है कि इंसानों की ओर से ग्रीन हाउस गैसों के उत्‍सर्जन से मौसम में यह खतरनाक बदलाव आया है और इसका असर हमारे जीवन परिस्थितियों में साफ नजर आ रहा है।

पश्चिमी यूरोप जहां पहले ही भीषण सूखे से गुजर रहा है, वहां भयानक गर्मी ने आग को भड़का दिया है जो पुर्तगाल, स्‍पेन और फ्रांस के कुछ हिस्‍सों तक भड़क गई है। बीते 13 जुलाई को पुर्तगाल में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया और 3 हजार हेक्‍टेयर का इलाका जलकर राख हो गया। आधा देश रेड अलर्ट पर है और देश में 14 जगहों पर आग लगी है। फायर फाइटर्स इसे बुझाने में जुटे हुए हैं। यही नहीं स्‍पेन के मैड्रिड शहर में 1500 हेक्‍टेयर इलाका जलकर राख हो गया। इटली में रिकॉर्ड गर्मी से मारमोलादा ग्‍लेशियर का एक हिस्‍सा गिर गया। इससे वहां हिमस्‍खन हो गया जिससे 11 पर्वतारोहियों की मौत हो गई।

ब्रिटेन में भी मौसम विभाग ने भीषण गर्मी पर चेतावनी जारी की है जो अभी और बढ़ने के आसार हैं। इस बीच उत्‍तरी अफ्रीका में ट्यूनिशिया में भी भयंकर गर्मी पड़ रही है। यहां आग लगने से काफी फसल जल गई है। राजधानी ट्यूनिस में 40 साल का रिकॉर्ड तोड़ते हुए पारा 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। ईरान में भी पारा 52 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। चीन में गर्मी इस कदर बढ़ गई है कि यहाँ की सड़कें पिघल गई और छतों पर लगी टाइल भी गिर गईं। शंघाई में भी तापमान 40.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया जो साल 1873 के बाद सबसे ज्‍यादा है। भारी आर्द्रता और रातभर गरम तापमान से बहुत ही खतरनाक स्थितियां पैदा हो गईं।

स्‍टीवन पावसोन ने कहा कि इस तरह की भीषण गर्मी का सीधे इंसान के स्‍वास्‍थ्‍य पर असर पड़ता है। इसके अन्‍य परिणाम भी भयानक होते हैं।