बंगाल में 185 किमी. की रफ्तार ने मचाई तबाही, 2 की मौत

  • Post By Admin on May 20 2020
बंगाल में 185 किमी. की रफ्तार ने मचाई तबाही, 2 की मौत

कोलकाता। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक भीषण चक्रवाती तूफान 'अम्फन' ने पश्चिम बंगाल के छह जिलों में भारी तबाही मचाई है। दोपहर 2:30 बजे के करीब जब यह चक्रवात दीघा के समुद्र तट से टकराया, तब इसकी गति 185 किलोमीटर प्रति घंटे थी। उसके बाद 5 घंटे तक दक्षिण 24 परगना के समुद्र तट से लेकर दीघा के समुद्र तट के रास्ते में पड़ने वाले कोलकाता, हावड़ा, हुगली, उत्तर और दक्षिण 24 परगना में भारी तबाही मचाता रहा। अपरान्ह 5:00 बजे तक इस चक्रवात की वजह से बंगाल में दो लोगों की मौत हो चुकी है। 

हावड़ा जिले के शालीमार में एक किशोरी के सिर पर टीन की छत गिर पड़ी जिसकी वजह से मौके पर ही उसकी मौत हो गई। इसी तरह से दक्षिण 24 परगना के मीनाखां में पेड़ की एक डाली टूट कर महिला पर गिर पड़ी जिसकी वजह से उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। दोनों की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है। दक्षिण 24 परगना के जिलाधिकारी ने इस बात की पुष्टि की है कि जिले में 5200 कच्चे मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। यहां के सुंदरबन में रहने वाले संरक्षित रॉयल बंगाल टाइगर पर वन विभाग की त्वरित प्रतिक्रिया बल ने नजर रखी है जिसकी वजह से अभी तक जंगली जीव बस्ती इलाके की तरफ प्रवेश नहीं कर पाए हैं, लेकिन तूफान की वजह से जंगल में भी उथल-पुथल मची हुई है। 

दक्षिण 24 परगना से लेकर पूर्व मेदिनीपुर तक के समुद्र तट के रास्ते में पड़ने वाले अधिकतर कच्चे मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं। हजारों मकानों की टीन की छत उड़ गई है। हजारों जगहों पर पेड़ गिरे हैं जिसकी वजह से सड़क जाम हो गई हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य सचिवालय में बनाए गए कंट्रोल रूम में बैठकर पूरी परिस्थिति पर निगरानी रखी है। 

मौसम विभाग के पूर्वी क्षेत्रीय निदेशक गणेश कुमार दास ने बताया कि राजधानी कोलकाता में अधिकतम 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चली हैं जबकि दक्षिण 24 परगना के सुंदरबन समुद्र तट और दीघा के समुद्र तट पर 185 से 190 किलोमीटर के बीच तूफान ने 3 से 4 घंटे तक तांडव मचाया है। दीघा और सुंदरबन के समुद्र तट पर लहरें हैं। कम से कम 4 से 5 मीटर ऊपर तक उठ रही हैं। एनडीआरएफ और राज्य आपदा प्रबंधन की टीम ने मिलकर कम से कम छह लाख लोगों को सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचा दिया था।इसके बावजूद जान माल का नुकसान कम नहीं हुआ है। माना जा रहा है कि इसकी वजह से राज्य में मरने वालों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ सकती है।