नैनो यूरिया के इस्तेमाल से बढ़ेगी फसलों की पैदावार : इफको

  • Post By Admin on Feb 14 2022
नैनो यूरिया के इस्तेमाल से बढ़ेगी फसलों की पैदावार : इफको

सीवान: जिले के किसानों को अब एक बोरी यूरिया खाद महज 500 एम एल की बोतल में मिल रही है। यह सुनने में आपको भले ही यह अटपटा लगे, लेकिन इंडियन फार्मर्स फर्टिलाइजर को-आपरेटिव लिमिटेड (इफको) के वैज्ञानिकों और इंजीनियरों ने यह कर दिखाया है। इफको का नैनो यूरिया तरल अब सीवान के बाजारों में महज 500 एम एल की बोतल में किसानों को उपलब्ध हो रही है।

उल्लेखनीय है कि इफको के द्वारा मिली जानकारी अनुसार नैनो यूरिया से फसलों की पैदावार बढ़ेगी, जिससे किसानों की आमदनी बढ़ सकेगी। अब एक बोरी यूरिया खाद की जगह आधे लीटर की नैनो यूरिया की बोतल किसानों के लिए काफी हैं। यह नैनो यूरिया तरल खाद इफको के जैव प्रौद्योगिकी अनुसंधान केंद्र में स्वदेशी और प्रोपाइटरी तकनीक के जरिये तैयार किया गया है। इसके इस्तेमाल से फसल में पोषक तत्वों की गुणवत्ता में सुधार होता है। यही नहीं, नैनो यूरिया भूजल की गुणवत्ता सुधारने और जलवायु परिवर्तन पर अच्छा प्रभाव डालता है।

इफको से मिली जानकारी अनुसार नैनो यूरिया लिक्विड की 500 मिली लीटर की एक बोतल सामान्य यूरिया के कम से कम एक बैग के बराबर होगी। इसका आकार भी छोटा होने के कारण इसे जेब में रखकर लाया जा सकता है। इससे यूरिया की बोरियां लाने में होने वाले खर्च की भी बचत होगी। नैनो यूरिया लिक्विड को सामान्य यूरिया के इस्तेमाल में 50 फीसदी तक कमी लाने के लिए बनाया गया है। इसकी एक बोतल में 40,000 पीपीएम नाइट्रोजन होता है, जो सामान्य यूरिया के एक बैग के बराबर नाइट्रोजन पोषक तत्व उपलब्ध कराता है।

नैनो यूरिया के लाभ:

-यह सभी फसलों के लिए उपयोगी है।
-सुरक्षित एवं पर्यावरण के अनुकूल टिकाऊ खेती हेतु उपयोगी है।
-बिना उपज प्रभावित किए यूरिया तथा अन्य नाइट्रोजन युक्त यूरिया की बचत करता है।
-वातावरण प्रदूषण की समस्या से मुक्ति यानि मिट्टी हवा और पानी की गुणवत्ता में सुधार के साथ उर्वरक उपयोग दक्षता भी इसकी अधिक है।
-उत्पादन वृद्धि के साथ उत्पादक गुणवत्ता में वृद्धि होती है।
-परिवहन एवं भंडारण खर्चों में कमी एवं सुगम परिवहन किया जा सकता है।

तरल नैनो यूरिया की उपयोग विधि:

नैनो यूरिया का 2 से 4 मिलीलीटर प्रति लीटर पानी के घोल का खड़ी फसल में छिड़काव करना चाहिए। नाइट्रोजन की कम आवश्यकता वाली फसलों में 2 मिलीलीटर एवं नाइट्रोजन की अधिक आवश्यकता वाली फसलों में 4 मिलीलीटर तक नैनो यूरिया प्रति लीटर पानी की दर से उपयोग किया जा सकता है। अनाज तेल सब्जी कपास इत्यादि फसलों में दो बार तथा दलहनी फसलों में एक बार नैनो यूरिया का उपयोग किया जा सकता है, जिसमें पहला छिड़काव अंकुरण या रोपाई के 30 से 35 दिन बाद तथा दूसरा छिड़काव फूल आने के 1 सप्ताह पहले किया जा सकता है।एक एकड़ खेत के लिए प्रति छिड़काव लगभग 150 लीटर पानी की मात्रा पर्याप्त होती है।

उपयोग करने में बरतें  सावधानियां:

-उपयोग से पहले अच्छी तरह से बोतल को हिलाएं।
-प्लेट फैन नोजल का उपयोग करें।
-सुबह या शाम के समय छिड़काव करें। तेज धूप, तेज हवा तथा और ओस हो तब इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
-यदि नैनो यूरिया के छिड़काव के 12 घंटे के भीतर बारिश होती है तो छिड़काव को दोहराना चाहिए।
-जैव- उत्प्रेरक जैसे सागरिका, 100% घुलनशील उर्वरकों और कृषि रसायनों के साथ मिलाकर उपयोग किया जा सकता है,लेकिन जार परीक्षण करके ही प्रयोग करें।
-बेहतर परिणाम के लिए नैनो यूरिया का उपयोग इसके निर्माण की तारीख से 2 वर्ष के अंदर कर लेना चाहिए।
-नैनो यूरिया विश मुक्त है, फिर भी सुरक्षा की दृष्टि से फसल पर छिड़काव करते समय फेस मास्क और दस्ताने का उपयोग करने की सलाह दी जाती है।
-नैनो यूरिया को बच्चों और पालतू जानवरों की पहुंच से दूर ठंडी और सूखी जगह पर ही रखे।

अधिकारी का मंतव्य:

इफको, सीवान के मुख्य क्षेत्र प्रबंधक अमरदीप कुमार से मिली जानकारी अनुसार सीवान सहित पूरे बिहार में किसानों के लिए नैनो यूरिया की एक बोतल की कीमत 240 रुपये तय की है, जो यूरिया की एक बोरी से 10 फीसदी सस्ती पड़ेगी। उन्होंने बताया कि अभी नैनो यूरिया बाजार में एकदम नया हैं, इसलिए किसान इसके फायदे से अनजान हैं। लेकिन जल्द ही यह जिले के हर किसान परिवार तक पहुंच जाएगा।