सीवान के 19.60 लाख बच्चों को खिलाई जायेगी अल्बेंडाजोल की दवा

  • Post By Admin on Dec 29 2021
सीवान के 19.60 लाख बच्चों को खिलाई जायेगी अल्बेंडाजोल की दवा

सीवान: स्वास्थ एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार के निर्देश के आलोक में सीवान जिले में बच्चों को कुपोषण से मुक्त बनाने तथा रक्त की कमी की समस्या को दूर करने के लिए राष्ट्रीय कृमि मुक्ति कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। उक्त कार्यक्रम के तहत 1 से 19 वर्ष तक के बच्चों को कृमि नाशक दवा अल्बेंडाजोल 400 एमजी खिलाई जाएगी।

यह कार्यक्रम जिले के सभी सरकारी, निजी विद्यालय एवं आंगनबाड़ी केन्द्र पर संचालित किया जाएगा। जिसके लिए टैबलेट आवंटित किया जाएगा। भारत सरकार के अभियान के तहत आंगनबाड़ी जाने वाले लक्षित 1 से 5 वर्ष तक के बच्चों तथा स्कूल जाने वाले 6 वर्ष 19 वर्ष तक के बच्चों एवं स्कूल नहीं जाने वाले बच्चों को आशा कार्यकर्ता द्वारा गृहभ्रमण कर अल्बेंडाजोल की दवा खिलाई जाएगी। कार्यक्रम के दौरान कोविड-19 द्वारा निर्गत निर्देश जैसे- सामाजिक दूरी, व्यक्तिगत स्वच्छता, मास्क, सैनिटाइजर का उपयोग आवश्यक होगा। जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी के कार्यालय से प्राप्त जानकारी अनुसार सीवान जिले में 19,60,262 बच्चों को दवा खिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

फरवरी में चलाया जाएगा अभियान, आंगनबाड़ी सेविका को किया जाएगा प्रशिक्षित:

जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. प्रमोद कुमार पांडेय ने बताया कि जिले के सभी सरकारी व गैर सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले 1 से 19 वर्ष तक के बच्चों को कृमि नाशक दवा खिलाई जाएगी। इसके लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा, एवं शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। जिनकी निगरानी में स्कूलों में दोपहर के भोजन के बाद बच्चों को कृमि नाशक दवा खिलाई जाएगी। इस दवा के सेवन से वंचित रहने वाले सभी छूटे हुए बच्चों को चिह्नित कर उन्हें विद्यालयों व आंगनबाड़ी केन्द्रों पर लाकर दवा खिलाई जाएगी।

दवा का सेवन कराते समय बरतनी होगी यह सावधानी:

जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ पाण्डेय के अनुसार राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के दौरान बच्चों को दवा खिलाते समय कुछ सावधानी भी बरतनी होगी। जैसे कि अगर किसी बच्चों की कोई गंभीर बीमारी का इलाज चल रहा है और वह नियमित रूप से दवा खा रहा है, कोई भी बच्चा सर्दी ,खांसी, बुखार, सांस लेने में तकलीफ से बीमार है तो, उसे यह दवा नहीं खिलाई जाएगी। 1 से 2 वर्ष तक के बच्चों को आधी गोली को चुरा बनाकर पानी के साथ, 2 से 3 वर्ष एक पूरी गोली चुरा बनाकर पानी के साथ तथा 3 से 19 वर्ष तक के बच्चों को एक पूरी गोली चबाकर खिलाया जाना है।