श्रमिक शिक्षा स्थापना दिवस समारोह का हुआ आयोजन

  • Post By Admin on Sep 16 2021
श्रमिक शिक्षा स्थापना दिवस समारोह का हुआ आयोजन

मुजफ्फरपुर: दत्तोपंत ठेंगड़ी राष्ट्रीय श्रमिक शिक्षा एवं विकास बोर्ड के क्षेत्रीय निदेशालय, मुजफ्फरपुर द्वारा गुरुवार को सभागार में श्रमिक शिक्षा स्थापना दिवस-सह-हिन्दी दिवस समारोह का आयोजन किया गया। 

समारोह का उदघाटन मुख्य अतिथि श्रीमति (डॉ0) प्रो0 अमिता शर्मा, सी.सी.डी.सी., भीम राव अम्बेडकर बिहार विश्वविद्यालय, मुजफ्फरपुर एवं उपस्थित अन्य गणमान्य अतिथियों ने राष्ट्रगान के साथ किया। श्री प्रो0 (डा0) सतीश कुमार राय, विभागाध्यक्ष हिन्दी विभाग, बिहार युनिवर्सिटी मुज0 एवं अन्य उपस्थित गणमान्य अतिथि गण ने राष्ट्र ऋषि महात्मा दत्तोपंत ठेंगड़ी जी के चित्र पर माल्यापर्ण  कर कार्यक्रम की शुरुआत की। 

मुख्य अतिथि श्रीमति (डा0) प्रो0 अमिता शर्मा, सी.सी.डी.सी., भीम राव अम्बेडकर बिहार विश्वविद्यालय, मुजफ्फरपुर ने कहा कि उद्योग एवं देश के विकास के लिए श्रमिक अत्यंत आवश्यक हैं, श्रमिक और उद्योग दोनों एक दूसरे के पूरक हैं। उनका मानना है कि श्रमिकों के क्रियाशील  प्रयासों से ही उद्योग एवं देश का विकास संभव है। सुदूर गांव से आये हुए प्रतिभागियों से शिक्षा एवं शिक्षा से होने वाले प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष लाभ पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वो सोंचते हैं कि जो अनपढ़ हैं वो शिक्षित  हो कर क्या करेंगे पर उन्हें अपनी आने वाली पीढ़ी को शिक्षित करने के लिए पढ़ना चाहिए। उन्होंने आजादी के अमृत महोत्सव को सरकार की एक बेहतरीन एवं सराहनीय कदम बताया और कहा कि आज की पीढ़ी को यह जानना चाहिए कि आज़ादी की इस भूमी को हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने अपने रक्त से सीचा है।

श्री जे.के.सिंह, क्षेत्रीय निदेशक प्र. ने बोर्ड के सुदूर गांवों से आने वाले प्रतिभागियों एवं मंच पर पदासीन अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि दत्तोपंत ठेंगड़ी राष्ट्रीय श्रमिक शिक्षा एवं विकास बोर्ड ने कोविड संकट के समय माइग्रेन्ट श्रमिकों को प्रशिक्षित  करने का सौभाग्य प्राप्त किया एवं अनेकानेक माइग्रेन्ट श्रमिको को बोर्ड के कार्यक्रमों के माध्यम से रोजगार एवं सरकार द्वारा उनके लिए चलाई जा रही योजनाओं से उन्हें जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य किया। इस क्षेत्रीय निदेषालय ने 2020-21 में बहुत सारे कार्यक्रमों को ऑनलाइन वेबिनार के माध्यम से आयोजित कर एक रिकॉर्ड स्थापित किया है। बोर्ड संगठित एवं असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को उत्पादकता बढ़ाने, सहयोग, टीम  भावना, वर्क कल्चर, स्वास्थ एवं सफाई, शिक्षा, बाल श्रम उन्मूलन, मनरेगा एवं केन्द्र सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कार्यक्रमों के बारे में ग्रामीण एवं असंगठित प्रतिभागियों को उनके गांव में जाकर दो दिवसीय एवं चार दिवसीय कार्यक्रमों का आयोजन कर के उनको जागरुक करता है। उन्होंने बताया कि बोर्ड श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन, अपने 50 क्षेत्रीय निदेषालयों एवं 6 आंचलिक निदेशालयों के माध्यम से कार्य करता है। बोर्ड का मुख्यालय नागपुर में है। 1958 में जब उद्योगों में तालाबंदी एवं अशंतुष्टि का माहौल था तब इसकी स्थापना इसी दिन 16 सितम्बर 1958 को किया गया बाद में इसे ग्रामीण एवं असंगठित क्षेत्रों के श्रमिकों को जागरुक करने की जिम्मेदारी भी दी गयी।
मंच संचालन करते हुए श्री डी.के.शतपथी ने स्वयं सेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों को अपने विचार रखने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने सभी सम्मानित अतिथियों से श्रमिक शिक्षा अभियान में सहयोग करने कि अपेक्षा जताई। 

अध्यक्ष के रूप में श्री प्रो. (डॉ.) सतीश कुमार राय, ने कहा कि हिन्दी राजभाषा ही नहीं देश के उत्थान का एक मात्र अचूक अस्त्र  है। उन्होंने हिन्दी दिवस एवं राष्ट्रभाषा  के उत्थान के लिए निवेदन किया। राष्ट्रभाषा के अधिकाधिक प्रयोग हेतु प्रतिभागियों को प्रेरित किया। 

सुश्री रश्मि सिंह, जिला युवा समन्वयक, नेहरु युवा केन्द्र, मुजफ्फरपुर ने कहा यह कोविड संकट से निराश होने का समय नहीं है, नए मौके तलाशने और कोविड से लड़ते हुए जिविकोपार्जन की नवीन एवं परंपरागत उपायों को दृढ़ता से और मजबूत करने की ओर बढ़ना है। 

श्री राजीव कुमार, सहायक अभियंता, प्रसार भारती, दूरदर्शन  मुज. ने कहा कि देश का कानून मूलतः श्रमिकों के विकास, उनके संरक्षण एवं उनके अधिकारों को सशक्त रुप से सहेजने के लिए प्रतिबद्ध है। आज हमारा देश शोषण से संरक्षण की ओर मुड़ चुका है। उन्होंने न्यूनतम मजदूरी, एस.सी.एस.टी. एक्ट, आर टी आई एक्ट 2005 आदि को संक्षिप्त में बताया।

श्री अभिषेक चंदा, सहायक निदेशक, लधु एवं सूक्ष्म उद्योग विकास संस्थान, मुजफ्फरपुर ने कहा कि श्रमिक जब तक असंगठित हैं तभी तक वे शोषित हैं। दत्तोपंत ठेंगड़ी राष्ट्रीय श्रमिक शिक्षा एवं विकास बोर्ड उन्हें संगठण एवं टीम में कार्य करने का महत्व से अवगत करा कर उनका, उनके उद्योग का, एवं समस्त देश का विकास का हो सके इस दिशा  में सकारात्मक कार्य कर रही है। उन्होंने एम.एस.एम.ई के विकास से नवीन रोजगार श्रृजन  के महत्व एवं सरकार द्वारा चलाई जा रही एम.एस.एम.ई स्कीम्स पर विस्तार से चर्चा की।

श्री नवीन सुमन, डी.आई.ओ. एन.आई.सी. मुजफ्फरपुर, बिहार ने इस आयोजिन विशेष सेमिनार में डिजिटल लिटरेसी एवं नए लेबर कोड पर विस्तार पूर्वक चर्चा की और बताया कि प्रत्येक भारतीय नागरिक को डिजिटली लिटरेट होना ही पड़ेगा नहीं तो वे देश के बढ़ते हुए कदम के साथ ताल नहीं बिठा पायेंगे न ही घर पर जहां आपका पुत्र या पुत्री ऑनलाइन क्लास कर रहा होगा, न ही बैंक में, न ही किसी सरकारी या गैरसरकारी दफ्तर में क्योंकि सब आने वाले कुछ वर्षों में पेपरलेस और डिजिटल हो ही जाऐंगे।

इस अवसर पर बोर्ड के श्री मनीष कुमार पाण्डेय, श्री सुमन सौरभ, श्री गौतम कुमार बाउरी एवं अन्य उपस्थित थे। अन्त में श्री दिलिप सतपथी, शिक्षा अधिकारी ने धन्यवाद ज्ञापन कर जन गण मन से कार्यक्रम का समापन किया।