शराबबंदी कानून में संशोधन करेगी नीतीश सरकार

  • Post By Admin on Jan 18 2022
शराबबंदी कानून में संशोधन करेगी नीतीश सरकार

पटना : बिहार में शराबबंदी कानून को लेकर लगातार फजीहत झेल रहे नीतीश कुमार इसमें संशोधन कर सकते हैं। जदयू के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने नाम नहीं बताने की शर्त पर कहा कि राज्य सरकार इस मामले की समीक्षा के लिए तैयार है। बिहार विधानसभा के आगामी बजट सत्र में इसे लेकर एक प्रस्ताव पेश किए जाने की संभावना है। प्रस्ताव के अनुसार शराब के नशे में पकड़े गए लोगों को मौके पर ही भारी जुर्माना भरकर छोड़ा जा सकता है।

जदयू पदाधिकारी ने बताया कि शराब की तस्करी में इस्तेमाल होने वाली गाड़ी को जुर्माना भरने के बाद छोड़ा जा सकता है। पिछले चार महीनों में विभिन्न जिलों में जहरीली शराब की त्रासदी की एक श्रृंखला के बाद मुख्यमंत्री भारी राजनीतिक दबाव में हैं। इस दौरान बीते साल से लेकर साल के शुरुआत तक में 78 से अधिक लोगों की जान चली गई है और कई अन्य लोगों की आंखों की रोशनी चली गई।

बिहार में शराबबंदी कानून की समीक्षा की चर्चा को लेकर सियासत गरमा गई है।हम के मुख्य प्रवक्ता दानिश रिजवान ने कहा, 'मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को शराबबंदी कानून में संशोधन या समीक्षा लाने की बजाय इस मुद्दे पर सर्वे करना चाहिए। अगर बिहार के लोग शराबबंदी को वापस लेने के पक्ष में हैं, तो हम भी उस फैसले का सम्मान करते हैं।’

उल्लेखनीय है कि जहरीली शराब से बीते साल सरकार आंकड़ों के मुताबिक 66 लोगों की मौत हुई थी, जबकि संदिग्ध मौत का आंकड़ा 100 के पास पहुंच गया था।शराब की त्रासदी मुजफ्फरपुर, गोपालगंज, बेतिया, समस्तीपुर, वैशाली, नवादा और अब सीएम के जिला नालंदा में हुई। यह मुद्दा नीतीश कुमार सरकार को बुरी तरह प्रभावित कर रहा है, खासकर उसके गठबंधन सहयोगी भाजपा और हम के बेहद मुखर होने के बाद वे दबाव में है। बिहार में अप्रैल 2016 में शराबबंदी लागू कर दी गई थी। हाल ही में पटना उच्च न्यायालय ने भी सरकार की आलोचना की थी। अदालत ने कहा कि बड़ी संख्या में शराब से जुड़े मामले लंबित हैं, जिससे न्यायिक व्यवस्था पर भारी बोझ पड़ा है।