मावली परघाव देखने उमड़ पड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब

  • Post By Admin on Oct 26 2020
मावली परघाव देखने उमड़ पड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब

जगदलपुर : रियासत कालीन ऐतिहासिक बस्तर दशहरा में रव‍िवार रात्रि में जोगी उठाई के बाद मावली परघाव पूजा विधान में माता मावली की डोली का भव्य स्वागत किया गया। कोरोना संक्रमण काल में बस्तर दशहरा में श्रद्धालुओं को शामिल नहीं होने और बस्तर दशहरा का लाइव प्रसारण से दर्शन करने का आह्वान प्रशासन करता रहा, लेकिन रव‍िवार रात्रि में मावली परघाव पूजा विधान को देखने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। जिसे नियंत्रित करने में प्रशासन के हाथ पैर फूल गए। लोगों में कोरोना संक्रमण का भय देखने को नहीं मिला, इसे देखते हुए प्रशासन के द्वारा सोमवार रात्रि में होने वाले भीतर रैनी रथ पर‍िक्रमा पूजा विधान के अवसर पर कड़ाई बरतने की संभावना व्यक्त की जा रही है।

उल्लेखनीय है कि बस्तर दशहरा अपने अंतिम पड़ाव में पहुंच गया है। आज रात्रि में भीतर रैनी रथ परिक्रमा पूजा विधान संपन्न किया जाएगा। जिसमें 08 पहियों के नए दुमंजिला रथ परिक्रमा के बाद  8 पहियों के दुमंजिला रथ को  रात्रि में ही परंपरानुसार चोरी कर ले जाने की परंपरा का निर्वहन किया जाएगा, जिसे कुम्हड़ाकोट के जंगल में पहुंचाया जाएगा जिसके बाद रात्रि में रथ कुम्हड़ाकोट रहेगा। 27 अक्टूबर को बाहर रैनी रथ संचालन पूजा विधान के तहत कुम्हड़ाकोट के जंगल में राज परिवार पहुंचकर नया खानी पूजा विधान की परंपरा का निर्वहन करते हुए पूजा अर्चना के बाद मां दंतेश्वरी के छत्र को पुरथारुण कर बाहर रैनी रथ संचालन पूजा विधान संपन्न कर वापस दंतेश्वरी मंदिर पहुंचाया जाएगा। कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए भीतर रैनी रथ संचालन और बाहर रैनी रथ संचालन पूजा विधान के दौरान यहां लगने वाले मेले का आयोजन भी निरस्त कर दिया गया है। प्रशासन के द्वारा बस्तर दशहरे के सभी पूजा विधान का सीधा प्रसारण किया जा रहा है। इसे घर में रहते हुए लोग देख सकते हैं।