आंतरिक प्रशिक्षण वर्ग समारोह हुआ संपन्न

  • Post By Admin on Jan 22 2022
आंतरिक प्रशिक्षण वर्ग समारोह हुआ संपन्न

भागलपुर: गणपत राय सलारपुरिया सरस्वती विद्या मन्दिर भागलपुर में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से निर्देशित आंतरिक प्रशिक्षण वर्ग के समापन समारोह में शनिवार को विद्यालय के उपप्रधानाचार्य अशोक कुमार मिश्र, शिशु मंदिर के प्रभारी जितेंद्र कुमार एवं अजय कुमार ने संयुक्त रुप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर अशोक कुमार मिश्र ने कहा कि हम लोग इस आंतरिक प्रशिक्षण से अपने शिक्षण कौशल का विकास करते हुए बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए सतत प्रयत्नशील रहें। यही आंतरिक प्रशिक्षण वर्ग का वास्तविक उद्देश्य होगा।

विद्यालय के प्रधानाचार्य नीरज कुमार कौशिक ने कहा कि यह प्रशिक्षण हमारे आत्मविश्वास, शिक्षण कौशल की उत्कृष्टता एवं सीखने के प्रवृत्ति का विकास करता है। इस प्रकार का प्रशिक्षण समय-समय पर होने से छात्र एवं उससे संपूर्ण समाज लाभान्वित होता है। मौके पर विद्यालय के सचिव उपेंद्र रजक ने कहा कि शिक्षण कार्य करने के क्रम में समय-समय पर प्रशिक्षण करने से नवीनता आती है एवं हर प्रशिक्षण से एक नई शिक्षण कौशल को सीखने का अवसर मिलता हैं। अतः इस प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान का सदुपयोग हम छात्रों के हित में करें। इस अवसर पर ईशा कुमारी के द्वारा किशोरावस्था में निर्णय की क्षमता विषय पर अपना भाव प्रकट करते हुए कहा कि इस उम्र में छात्र ज्यादा भावुक होते हैं परंतु छात्रों में सीखने, सोचने एवं चयन की क्षमता का विकास हो जाता है। इस उम्र में बालकों में भटकाव भी आता है। इसलिए सही मार्गदर्शन एवं माता पिता तथा शिक्षकों के द्वारा निरंतर प्रोत्साहित करने से उसके व्यवहार में भी परिवर्तन होता है। साइबर अपराध और सुरक्षा विषय पर गौतम भारती ने कहा की आज हमे साइबर अपराध से बचने के लिए बहुत ही सतर्क रहने की आवश्यकता है। कोई भी सूचना किसी अनजान व्यक्ति को शेयर करना खतरनाक हो सकता है अपना पासवर्ड थोड़ा जटिल रखें सुरक्षा के लिए मोबाइल में फायरवॉल एवं एंटीवायरस रखना जरूरी है।

विद्यालय में कला का एकीकरण विषय पर अपने पक्ष को रखते हुए अजय कुमार ने कहा कि कला व्यक्ति के मन के भाव की अभिव्यक्ति का एक सशक्त माध्यम है। छात्रों में कला के प्रति रुचि जागृत करना भी हमारा दायित्व है। कल्पना कौशल एव चिंतन कौशल के विकास हेतु कला के प्रति रुचि आवश्यक है। इस अवसर पर विद्यालय के सभी आचार्य बन्धु भगिनी उपस्थित थे।