कौन बनेगा विधायक: हर नुक्कड़, चौक-चौराहे पर हो रही चर्चा

  • Post By Admin on Oct 17 2020
कौन बनेगा विधायक: हर नुक्कड़, चौक-चौराहे पर हो रही चर्चा

सूर्यगढ़ा: कौन बनेगा विधायक? इस प्रश्न को लेकर सूर्यगढ़ा विधानसभा क्षेत्र के सभी समुदायों और जातियों के लोग उत्सुक नजर आने लगे हैं। झोपड़ी से महल तक, गली से चौराहे तक, हर नुक्कड़ पर, हर चौपाल पर, हर चाय-पान-दुकान पर चर्चा का मुख्य विषय विधानसभा चुनाव है। 28 अक्टूबर को यहां चुनाव होना है। हर उम्मीदवार अपनी चादर टटोलने लगे हैं।

चुनाव को लेकर युवा पीढ़ी सर्वाधिक उल्लासित है। नए मतदाताओं को विधानसभा चुनाव को निकट से देखने-समझने या हिस्सा लेने का उनका सपना इस चुनाव में साकार होगा। युवा पीढ़ी का मानना है कि चुनाव के बाद क्षेत्र का विकास तेजी से होगा। चुनाव के टकराव और तनाव से विकास का रास्ता स्वयं निकलेगा, क्योंकि स्थापित ताकत महसूस करेगी कि सत्ता और प्रभुसत्ता किसी की भी मिल्कियत नहीं है। यह जनता की है। उम्मीदवार मतदाताओं को विश्वास में लेने की कोशिश में लग गए हैं। कोई अपनी साफ-सुथरी छवि का हवाला देते नजर आ रहे हैं तो कोई जातीय अंकगणित को सुलझा रहे हैं। पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर घूमकर जनसंपर्क अभियान शुरू कर दिया गया है। वे मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए आरजू-मिन्नत करते नजर आ रहे हैं। हर प्रत्याशी का दावा है कि उन्हें समाज के हर तबके के लोग पसंद करते हैं। राजनीतिक पंडित गुणा-भाग कर रहे हैं कि यह चुनाव दिलचस्प होगा। जबकि उम्मीदवार समर्थन जुटाने में लगे हुए हैं। नाराज कार्यकर्ताओं का मान-मनौव्वल का प्रयास किया जा रहा है। राजनीति के जानकार बताते हैं कि सूर्यगढ़ा विधानसभा क्षेत्र में अंतरजातीय गोलबंदी निर्णायक साबित होती रही है। यह जातीय समीकरण का ही नतीजा रहा है कि 1952 से 2015 तक कुल 16 सम्पन्न विधानसभा चुनाव में छह बार भूमिहार, छह बार कुर्मी और चार बार यादव जातियों से सम्बन्ध रखने वाले प्रत्याशी विधायक निर्वाचित हुए। 2020 के विधानसभा चुनाव में भी मुख्य मुकाबला इनमें ही है जबकि इस बार कुल 19 प्रत्याशी चुनावी समर में है। सबके अपने-अपने दावे हैं।