अखिलेश यादव को जिन्ना के समर्थन की बात खुलेआम करनी चाहिए: बृजेश पाठक

  • Post By Admin on Dec 22 2021
अखिलेश यादव को जिन्ना के समर्थन की बात खुलेआम करनी चाहिए: बृजेश पाठक

गोण्डा: समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव को जिन्ना के समर्थन की बात जनता के बीच में आकर खुलेआम करनी चाहिए। उनके नाम पर वोट भी मांगना चाहिए। यह बात जन विश्वास यात्रा लेकर सदर विधानसभा पहुंचे कानून मंत्री बृजेश पाठक ने बुधवार को सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा।

उन्होंने कहा कि सपा नेताओं द्वारा यह कहा जाना कि मुलायम सिंह यादव व अखिलेश बहुत बड़े पुजारी हैं। इस पर पलटवार करते हुए कहा कि किस बात के पुजारी हैं। भारतीय जनता पार्टी ने इन लोगों को इतना तो सिखा ही दिया है कि सब लोग राम-राम कहने लगे हैं। अखिलेश यादव जब मुख्यमंत्री थे। तब मुख्यमंत्री आवास पर जाली टोपी लगा कर रोजा अफ्तार कराते थे। कम से कम अब रामलला के दरबार में तो जाने लगे हैं।

जन विश्वास यात्रा जनपद में मंगलवार को छपिया विधानसभा, मनकापुर, तरबगंज से होते हुए सदर विधानसभा में पहुंची है। जिसका नेतृत्व प्रदेश कानून मंत्री बृजेश पाठक द्वारा किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की जन विश्वास यात्रा उत्तर प्रदेश के सभी छह विधानसभा क्षेत्रों में 19 तारीख से प्रारंभ हुई। अवध क्षेत्र की यात्रा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा मुख्य अतिथि के सानिध्य में अंबेडकर नगर से चलकर अयोध्या जनपद से जिले में पहुंची है। हमे लाखों लोगों का जिनमे माताएं, बहने, युवा सभी हमारा फूल मालाओं से स्वागत कर रहे हैं।

श्री पाठक ने समाजवादी पार्टी पर हमला बोलते हुए कहा कि कुछ दिनों बाद ही अचार सहिंता लग जाएगी। वर्ष 2022 के विधनसभा चुनाव का नगाड़ा बज जाएगा। वर्ष 2017 के बाद योगी सरकार ने प्रदेश में जनहित के कार्य किये हैं। इससे पहले प्रदेश में पूरी तरह से गुंडा राज कायम था। भ्रष्टाचार अपनी चरम सीमा पर था। हर जिले में एक मिनी मुख्यमंत्री था। पूरे जिले की संपदा को लूटने का काम गुंडा राज को बढ़ावा देने का कार्य सत्ता के संरक्षण में होता था। प्रदेश भर में कहीं भी कोई प्लॉट मकान खाली नहीं था। जिसको समाजवादी पार्टी के लोगों ने झंडा लगाकर कब्जा ना करने का काम ना किया हो। आम जनमानस यह कहने लगा था कि जितना बड़ा झंडा उतना बड़ा गुंडा।

मैं दावे के साथ कहता हूं समाजवादी पार्टी ने जनता के पैसे को खूब लूटा है। प्रदेश में जब सरकारी ठेके होते थे। तब गोलियां चलती थीं। सत्ता के संरक्षण में लोग गोलियां चलकर ठेकों पर अपना कब्जा करते थे। यूपी में जो भी माफिया नेटवर्क था। ऑर्गेनाइसड क्रिमिनल थे। उन्हें उत्तर प्रदेश से पूरी तरह से साफ करने का काम सरकार ने किया है, जो भी माफिया हैं। वह जेल में हैं या प्रदेश छोड़कर जा चुके हैं।