आदमी

  • Post By Admin on Mar 21 2022
आदमी

बेचारे गधों को ये तक नहीं पता
कि जो रहते हैं उनके आसपास
उसमें भी कई हैं  उनके जैसे 

उन बैलों को बताया नहीं किसी ने
आदमी को भी कहा जाता है 'बैल'

आदमी जो बन जाता है कभी 'गीदड़'
ठुमक कर बनते हैं 'भीगी बिल्ली',
या कोई 'शेर' जो होते हैं भीड़ में भेड़ !
असल में आदमी में होते हैं 'आस्तीन के साँप' भी
समाज ने स्वीकारा है , आमजनों का हरकारा है
आदमी घर की चौखट पार करते ही आदमी नहीं रह जाता
वे हो जाते हैं कोई पशु !

©रजनीश