राजस्थान प्रशासनिक सेवा : चयन प्रक्रिया में चल रहा घूसखोरी का खेल

  • Post By Admin on Jul 29 2021
राजस्थान प्रशासनिक सेवा : चयन प्रक्रिया में चल रहा घूसखोरी का खेल

जोधपुर : भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने गुरुवार को बड़ी कार्यवाई  करते हुए राजस्थान प्रशासनिक सेवा में चयन के लिए चल रहे बड़े खेल का खुलासा किया है। एसीबी ने साक्षात्कार में अच्छे अंक दिलाने के नाम पर उच्चस्तरीय सेटिंग के चलते 19.95 लाख की डील होने से पहले ही सरकारी स्कूल के प्रिंसीपल, निजी स्कूल संचालक और एक अन्य को गिरफ्तार किया है। अब तीनों से गहन पूछताछ की जा रही है। इसमें बड़े रैकेट का खुलासा होने की उम्मीद है। एसीबी की टीम ने 19.95 लाख की रिश्वत राशि जब्त की है। इतनी बड़ी राशि कैसे जुटाई गई इस पर भी जांच आरंभ की गई है।

ब्यूरो के डीआईजी डॉ. विष्णुकांत ने बताया कि बुधवार को एक मोबाइल से गोपनीय सूचना मिली थी। इस सूचना में बताया कि बाड़मेर जिले के हरीश पुत्र हनुमानराम को आरएएस साक्षात्कार में 54 अंक मिले है। जिसे बढ़ाकर 70 करने के लिए उसने कुछ लोगों से संपर्क साधा है। इसमें जोधपुर के बासनी तंबोलिया माता का थान निवासी किशनाराम पुत्र उमगाराम जाट द्वारा बड़ी रिश्वत राशि यह कहकर बाड़मेर के रामनगर रिको एरिया में मदर टेरेसा सीनियर सैकंडरी स्कूल चलाने वाले ठाकराराम पुत्र मूलाराम जाट एवं बाड़मेर के भूरटिया पंचायत समिति बाड़मेर हाल राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय पनावड़ा पंचायत समिति के प्रिंसीपल जोगाराम पुत्र हनुमानराम जाट को 20 लाख रुपये दिए हैं, जोकि जोधपुर के माता का थान से लेकर बाड़मेर के लिए निकले है। गोपनीय सूचना देने वाले ने बोलेरो गाड़ी नंबर भी एसीबी टीम को उपलब्ध करवाए।

ब्यूरो डीआईजी डॉ. विष्णुकांत ने बताया कि इस गोपनीय सूचना का सत्यापन करने के लिए ब्यूरो के एएसपी भोपालसिंह लखावत के साथ एक टीम को लगाया गया। इस पर एसीबी टीम ने बाड़मेर के कल्याणपुर नाकाबंदी में नंबर के आधार पर बोलेरो को रूकवाया और उसमें दो शख्स मिले। गाड़ी की तलाशी लिए जाने पर उसमें से 19.95 लाख रुपये मिले। गाड़ी में बैठे दोनों शख्स मदर टेरेसा स्कूल का संचालक ठाकराराम एवं सरकारी स्कूल का प्रिंसीपल जोगाराम था। इस पर दोनों को दस्तयाब कर लिया गया। पूछताछ में यह रकम बासनी तंबोलिया माता का थान निवासी किसनाराम पुत्र उगमाराम जाट से मिलना बताया। जोकि हरीश को आरएएस साक्षात्कार में अच्छे अंक दिलाने के लिए रिश्वत के रूप में दिए गए। एसीबी की टीम अब पकड़े गए तीनों लोगों से पूछताछ में जुटी है।