CoWin डेटा हैक होने के दावों का स्वास्थ्य मंत्रालय ने किया खंडन

  • Post By Admin on Jun 11 2021
CoWin डेटा हैक होने के दावों का स्वास्थ्य मंत्रालय ने किया  खंडन

नई दिल्‍ली : डिजिटल होती दुनिया ने जहाँ एक तरफ लोगों की जिंदगी आसान बनाई है वहीं आय दिन हम सोशल मीडिया व ऍप्लिकेशन्स के जरिये लोगों की निजी जानकारी चोरी होने की खबरें भी सुनते रहते हैं| सही और सुरक्षित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के अलावा कई ऐसे भी प्लेटफार्म हैं जो लोगों के निजी जानकारी को कुछ रुपयों में बेच देते हैं जिसकी वजह से बाद में यूजर को बहुत सारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है| कोरोना महामारी से बचाव हेतु टीकाकरण अभियान में भारत सरकार द्वारा CoWin एप्लीकेशन बनाया गया ताकि जनता घर बैठे ही टिका लेने का दिन व समय निश्चित कर फिर टिका केंद्र जाकर टिका ले सके| किन्तु इस एप्लीकेशन से लोगों के डाटा चोरी होने की ख़बरें भी सामने आ रही हैं| गुरुवार को एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि हैकर्स के एक ग्रुप ने CoWin पर 150 मिलियन यूजर्स के डेटाबेस को खंगाला था और उस डेटा को बेचने की तैयारी कर ली थी|

वहीं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोविन (CoWin) डेटा हैक होने की खबरों को गलत और आधारहीन बताते हुए खारिज कर दिया है| मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि CoWin केवल वैक्सीनेशन संबंधी डेटा इकट्ठा करता है और यह बेहद सुरक्षित है| मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और एम्पॉवर्ड ग्रुप ऑन वैक्सीन एडमिनिस्ट्रेशन (EGVAC) इस मामले की जांच कंप्यूटर इमरजेंसी रेस्पॉन्स टीम से करवा रहे हैं|

इस मामले को लेकर एम्पॉवर्ड ग्रुप ऑन वैक्सीन एडमिनिस्ट्रेशन के चेयरमैन डॉ.आर.एस.शर्मा ने कहा है कि 'डेटा लीक होने का दावा गलत है| कोविन पर उपलब्‍ध यूजर्स का गोपनीय डेटा किसी से भी शेयर नहीं किया जाता है| इसके अलावा जिस डेटा के लीक होने की बात कही जा रही है, वह तो कोविन पर था ही नहीं|' इससे पहले मई में केंद्रीय मंत्रालय ने कहा था कि CoWin प्लेटफॉर्म को हैक नहीं किया जा सकता है क्‍योंकि इसमें डेटा को OTP (वन टाइम पासवर्ड) और कैप्चा सेटिंग से सुरक्षित किया गया है|