एक गुमनाम चिट्ठी ने खत्म किया राम रहीम का साम्राज्य

  • Post By Admin on Oct 18 2021
एक गुमनाम चिट्ठी ने खत्म किया राम रहीम का साम्राज्य

पंचकूला : राम रहीम का एक गुमनाम चिट्ठी ने साम्राज्य खत्म कर दिया। यह चिट्ठी 13 मई 2002 को तत्कालीन पीएम अटल बिहारी वाजपेयी को लिखी गई थी। इस खत में एक लड़की ने सिरसा डेरा सच्चा सौदा में गुरु राम रहीम के हाथों अपने यौन शोषण का वाकया बताया था।

यह खत लगभग ज्यों का त्यों हैं। रणजीत सिंह मर्डर मामलें में सीबीआई कोर्ट ने सोमवार को बड़ा फैसला सुनाते हुए राम रहीम सहित 5 आरोपियों की उम्र कैद की सजा सुनाई। हरियाणा की विशेष सीबीआई कोर्ट के जज डॉक्टर सुशील कुमार गर्ग ने रणजीत सिंह हत्याकांड मामले में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत सिंह सहित 5 आरोपियों को सजा सुनाई।

देशभर में करोड़ों अनुयायदी होने का दावा करने वाले डेरा सच्चा सौदा के गुनाहों का राज पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी को लिखे गए पत्र से बेपर्दा हुआ था। डेरा मुखी और उसके करीबियों को संदेह था कि यह पत्र डेरा प्रबंधक रंजीत सिंह की साध्वी बहन ने लिखा है। जिसके बाद डेरे की मुश्किलें बढ़ी हैं। इस मामले में सबसे अहम गवाह डेरा मुखी का तत्कालीन चालक खट्टा सिंह साबित हुआ है।

डेरे की साध्वियों द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री को लिखे गए पत्र में कहा गया था कि यहां सैकड़ों लड़कियां 16 से 18 घंटे सेवा करती हैं। उनका यहां शारीरिक शोषण किया जा रहा है। डेरा मुखी गुरमीत राम रहीम द्वारा उनका बलात्कार किया जा रहा है।

एक रात डेरे की सेवादार ने उसे गुफा में भेजा जहां उसके साथ रिवाल्वर की नोक पर बलात्कार किया गया। इस पत्र में दावा किया गया कि डेरा मुखी ने अपने राजनीतिक प्रभाव का रोब दिखाते हुए नशे में यहां तक बोल दिया था कि डेरे के प्रबंधक की हत्या उसने करवाई है।

साध्वी ने पत्र में लिखा था कि यहां लड़कियां सुरक्षित नहीं हैं। डेरे में जिन्हें देवी कहा जाता है उन्हें वेश्या की तरह रखा जा रहा है। इस पत्र में दावा किया गया था कि डेरा की साध्वियों की मेडिकल जांच की जाए। इसके अलावा इसी में यहां पर साधुओं को नपुंसक बनाए जाने के बारे में भी खुलासा किया गया था। जिसके बाद डेरा मुखी ने साजिश रचकर रंजीत सिंह को मरवा दिया।