रिकॉर्ड लो लेवल पर पहुंची रूपए की कीमत

  • Post By Admin on May 12 2022
रिकॉर्ड लो लेवल पर पहुंची रूपए की कीमत

नई दिल्ली : घरेलू बाजार से विदेशी निवेशकों द्वारा अपना पैसा तेजी से निकालने के चक्कर में की जा रही बिकवाली के कारण डॉलर के मुकाबले रुपया आज नए रिकॉर्ड लो लेवल तक फिसल गया। रुपये ने आज डॉलर के मुकाबले 77.63 रुपये प्रति डॉलर का नया लो लेवल हिट किया। हालांकि इस गिरावट के बाद भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा मुद्रा बाजार में डॉलर का प्रवाह बढ़ा दिए जाने के कारण रुपये की कीमत में गिरावट का रुख एक बार तो थम गया है, लेकिन डॉलर की मांग तेज होने की वजह से रुपये पर लगातार दबाव बना हुआ है।

इंटर बैंक फॉरेन एक्सचेंज मार्केट में रुपये ने आज 24 पैसे की कमजोरी के साथ 70.49 रुपये प्रति डॉलर के स्तर से कारोबार की शुरुआत की। कारोबार के शुरुआती दौर में ही भारतीय शेयर बाजार में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की ओर से हो रही जोरदार बिकवाली के कारण भारतीय मुद्रा बाजार में डॉलर की मांग में काफी तेजी आ गई, जिसके कारण रुपये की कीमत लगातार टूटती चली गई। डॉलर की मांग में आई तेजी के कारण शुरुआती 1 घंटे में ही रुपया 77.63 रुपये प्रति डॉलर के अभी तक के सबसे निचले स्तर तक पहुंच गया। हालांकि इसके बाद भारतीय रिजर्व बैंक ने रुपये को सपोर्ट करने के लिए मुद्रा बाजार में डॉलर का फ्लो बढ़ा दिया, जिसकी वजह से रुपये की गिरावट कुछ हद तक थम गई। अभी तक के कारोबार में रुपया डॉलर के मुकाबले 77.49 से लेकर 77.63 के बीच चक्कर लगा रहा है।

इस संबंध में मार्केट एनालिस्ट मयंक मोहन का कहना है कि इंटरनेशनल क्रूड ऑयल मार्केट में लगातार बन रही विषम परिस्थितियों, रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के कारण तमाम कमोडिटीज की आपूर्ति में हो रही कमी और भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों की ओर से लगातार हो रही बिकवाली और अपना पैसा निकालने के कारण बने दबाव की वजह से मुद्रा बाजार में रुपये पर भी लगातार दबाव बना हुआ है। मयंक मोहन के मुताबिक देश की नजर फिलहाल खुदरा महंगाई के आंकड़ों पर टिकी रहने वाली है। उम्मीद की जा रही है की खुदरा महंगाई दर लगातार चौथे महीने भारतीय रिजर्व बैंक के की ओर से निर्धारित लक्ष्य (कंफर्ट जोन) से ऊपर बनी रह सकती है। अगर खुदरा महंगाई दर को लेकर जताई जा रही ये आशंका सही साबित हुुई, तो रुपये पर और भी दबाव बढ़ सकता है, जिसके कारण आने वाले दिनों में रुपये के 80 रुपये प्रति डॉलर के लो लेवल पर जाने की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता है।